कोर्ट मैरिज से पहले ब्योरा नोटिस बोर्ड पर लगाया, केंद्र को नोटिस
कोर्ट मैरिज से पहले ब्योरा नोटिस बोर्ड पर लगाया, केंद्र को नोटिस
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कोर्ट मैरिज से पहले ब्योरा नोटिस बोर्ड पर लगाया, केंद्र को नोटिस

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नई दिल्ली, 16 सितम्बर (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने कोर्ट मैरिज में शादी से 30 दिन पहले जोड़े का ब्यौरा नोटिस बोर्ड पर लगाने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिका में कहा गया है कि स्पेशल मैरिज एक्ट का यह प्रावधान निजता के अधिकार का हनन है। धर्म, जाति के बंधन तोड़ शादी करने जा रहे जोड़े की सुरक्षा को भी खतरा पहुंचाता है। केरल की लॉ छात्रा नंदिनी प्रवीण ने दायर याचिका में स्पेशल मैरिज एक्ट की धारा 6(2) और 6(3) को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता की ओर से वकील कलीस्वरम राज ने कहा कि विवाह के इच्छुक जोड़े की पूरी जानकारी को इस तरह सार्वजनिक कर देना गलत है। ऐसा करना निजता के अधिकार का हनन है। याचिका में कहा गया है कि स्पेशल मैरिज एक्ट का यह प्रावधान धर्म, जाति के बंधन तोड़कर शादी करने जा रहे जोड़े की सुरक्षा को भी खतरा पहुंचता है। दरअसल स्पेशल मैरिज एक्ट की धारा 6(2) और 6(3) में यह प्रावधान है कि शादी की इच्छा रखने वाले जोड़ों में से कोई एक मैरिज अफसर को आवेदन देता है। इसमें लड़का और लड़की का नाम, पता, अभिभावकों के नाम जैसी सभी बातों की जानकारी देनी होती है। इसके बाद मैरिज अफसर 30 दिनों के लिए इस जानकारी को अपने दफ्तर के नोटिस बोर्ड पर लगा देते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि किसी व्यक्ति को अगर इस शादी से आपत्ति हो तो वह अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। आपत्ति नहीं आने की स्थिति में 30 दिनों के बाद शादी करा दी जाती है। हिन्दुस्थान समाचार/ संजय/सुनीत-hindusthansamachar.in