कोरोना संक्रमित CM शिवराज ने कायम की मिसाल, अस्पताल से की वर्चुअल कैबिनेट बैठक
कोरोना संक्रमित CM शिवराज ने कायम की मिसाल, अस्पताल से की वर्चुअल कैबिनेट बैठक

कोरोना संक्रमित CM शिवराज ने कायम की मिसाल, अस्पताल से की वर्चुअल कैबिनेट बैठक

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव होने के बाद जब अस्पताल में भर्ती हुए थे, तब माना जा रहा था कि वे आराम करेंगे, लेकिन उन्होंने चाय बनाने से लेकर अपने कपड़े धोने तक सभी काम स्वयं किए। साथ ही यह अहसास भी नहीं होने दिया कि वे अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने वहीं से सचिवालय के सभी कार्यो को अंजाम दिया। प्रतिदिन कोरोना की समीक्षा करने से लेकर प्रदेश की पहली वर्चुअल कैबिनेट बैठक तक की। इसमें नीतिगत निर्णय भी लिए और यह संदेश भी दिया कि सकारात्मकता के साथ मुश्किल से मुश्किल हालात को अनुकूल बनाया जा सकता है। कांग्रेस भले ही इस पर सवाल उठा रही हो, लेकिन सरकारी तंत्र इसे मुख्यमंत्री की बेहतर कार्यशैली मान रहा है। कोरोना के शुरुआती लक्षण का भान होते ही मुख्यमंत्री ने बिना समय गंवाए जांच कराई और संक्रमण की पुष्टि होने पर अस्पताल में भर्ती हो गए। यहां वे अन्य मरीजों की तरह स्वयं के लिए चाय बनाने से लेकर कपड़े धोने जैसे काम कर रहे हैं। इससे उन्होंने यह संदेश भी दिया है कि खुद के कपड़े धोना संक्रमण के प्रसार की आशंका को कम करने वाला कदम है। बीमारी के बीच भी लगातार काम करते हुए उन्होंने नकारात्मक विचारों से खुद को पूरी तरह दूर कर लिया है। पहली वर्चुअल कैबिनेट बैठक मुख्यमंत्री ने कामकाज में सूचना प्रौद्योगिकी का जिस तरह से उपयोग किया, वह बेहतर प्रबंधन की मिसाल है। प्रदेश की पहली वर्चुअल कैबिनेट बैठक ने कामकाज के प्रति नया नजरिया सामने रखा है। वैसे देखा जाए तो 23 मार्च को शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का शायद ही कोई दिन ऐसा बीता होगा, जब उन्होंने वीडियो कांफेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर में कोरोना के खिलाफ जंग का फीडबैक न लिया हो। उन्होंने अब सूचना प्रौद्योगिकी को प्रशासन का स्थायी अंग बना लिया है। इसे उनकी चौथी पारी की पहली बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा सकता है। कैदियों की वर्चुअल पेशी सरकार जल्द ही कैदियों की वर्चुअल पेशी की दिशा में भी कदम बढ़ाने जा रही है। कोरोना से दुनिया की लड़ाई लंबी चलती दिख रही है और सुरक्षित शारीरिक दूरी का लंबे समय तक पालन करना बड़ी जरूरत बन चुका है। ऐसे में मौजूदा ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए सरकारी कामकाज को अंजाम देने का रास्ता अब प्रदेश में वर्चुअल कैबिनेट बैठक के सफल प्रयोग से साफ हो चुका है।-newsindialive.in

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