कोरोना के साये में शुरू हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि
कोरोना के साये में शुरू हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि
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कोरोना के साये में शुरू हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र, पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि

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विरोध जाहिर करने किसी भी सदस्य को सीट छोड़ कर गैलरी में आने की नहीं होगी इजाजत सत्र में गूंजेंगे 900 सवाल : परमार शिमला, 07 सितंबर (हि.स.)। कोरोना संकट के बीच हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार को शुरू हो गया है। 18 सितंबर तक चलने वाले इस सत्र में दस बैठकें होंगी। कोरोना के चलते इस बार विधानसभा में खास इंतजाम किए हैं। विधानसभा के पांच एंट्री प्वाइंट पर थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है ताकि कोई संक्रमित व्यक्ति सदन में न पहुंचे। पहले दिन विधानसभा की कार्यवाही शोकोदगार से शुरू हुई। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि सत्र में 10 बैठक होंगी। इस बार 900 प्रश्न आए हैं। इस बार कोई भी सदस्य गैलरी में नहीं आएंगा। अपनी सीट पर से ही विरोध जताएं। सत्र की शुरूआत में पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय प्रणब मुखर्जी, पूर्व विधानसभा के पूर्व सदस्य चंद्रवर्कर व राकेश वर्मा के निधन पर शोकोद्गार प्रस्तुत किया गया। सभी सदस्यों ने उन्हें सदन के माध्यम से श्रद्धांजलि दी। वहीं, हिमाचल के 11 शहीद जवानों और कोरोना से जंग हारे 53 लोगों को भी सदन में श्रद्धांजलि दी गई। सदन में पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, ठियोग के विधायक रहे राकेश वर्मा व सदस्य रहे चंद्रवर्कर की निधन पर शोकोदगार व्यक्त किया गया। मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने पूर्व राष्ट्रपति सहित दो सदस्यों के निधन पर दुःख व्यक्त किया व उनके परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। मख्यमंत्री ने कहा कि प्रणब मुखर्जी का व्यक्तित्व था और सभी दलों के नेताओं से उनके अच्छे संबंध थे। उनका हिमाचल से भी गहरा लगाव था और जब वे राष्ट्रपति थे तो यहां आते रहते थे। उन्होंने कहा कि प्रणब मुखर्जी ने 2013 में हिमाचल विधानसभा को भी संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल में जन्मे प्रणब मुखर्जी का 84 वर्ष की आयु में देहांत 31 अगस्त को हुआ था। वे केंद्र सरकार में कई बार मंत्री रहे और फिर देश के 13वें राष्ट्रपति बने थे। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई। मुख्यमंत्री ने इस दौरान देश के लिए शहीद हुए सैनिकों को भी श्रदांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से हिमाचल में 53 लोगो की मौत हो गई। उनकी आत्मशांति पर भी उन्होंने शोक व्यक्त किया। देश व प्रदेश में लगातार मामले बढ़ रहे है। ऐसे में ज़्यादा ऐतिहात बरतने की ज़रूरत है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने भी पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी सहित हिमाचल के दो नेताओं के आकस्मिक निधन पर दुःख व्यक्त किया। अग्निहोत्री ने कहा कि प्रणब मुखर्जी छोटा कद व बड़ा व्यक्तित्व थे। उन्होंने कहा कि स्व. प्रणब मुखर्जी केंद्र में जिन भी पदों पर रहे, राजनीतिक विरोधी भी उनका आदर करते थे। राष्ट्रपति के नाते कई विधानसभाओं के दौरे किए और विवि में गए और राष्ट्रपति भवन को आम आदमी के लिए भी खोला था। उन्होंने स्व. राकेश वर्मा और चंद्रवर्कर के देहांत पर शोक जताया। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज, वन मंत्री राकेश पठानिया, शिक्षा मंत्री गोविन्द ठाकुर,कांग्रेस की तरफ से विधायक आशा कुमारी , सुखविंदर सिंह सुख्खू, ठियोग सीपीआईएम विधायक राकेश सिंघा सहित अन्य सदस्यों ने इस शोकोदगार में दिवंगत आत्माओं की शान्ति के लिए प्रार्थना की। पूर्व मुख्यमंत्री व अर्की के विधायक वीरभद्र सिंह भी सत्र में भाग लेने पहुंचे। सत्ता पक्ष की तरफ से कोरोना पॉजिटिव मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के अलावा सभी मंत्री मौजूद रहे। विपक्ष की ओर से बीमार चल रहे सुजान पठानियाँ व कारोना पॉजिटिव लखविंदर राणा नही पहुंचे। हिन्दुस्थान समाचार/उज्ज्वल/सुनील-hindusthansamachar.in