केरल : पुलिस अधिनियम में संशोधन के फैसले पर चिदंबरम स्तब्ध, कहा यह आश्चर्यजनक कदम
केरल : पुलिस अधिनियम में संशोधन के फैसले पर चिदंबरम स्तब्ध, कहा यह आश्चर्यजनक कदम
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केरल : पुलिस अधिनियम में संशोधन के फैसले पर चिदंबरम स्तब्ध, कहा यह आश्चर्यजनक कदम

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-कांग्रेस नेता ने सीताराम येचुरी किया सवाल नई दिल्ली, 22 नवम्बर (हि.स.)। एलडीएफ सरकार द्वारा केरल पुलिस अधिनियम में संशोधन के अध्यादेश को मंजूरी देने के फैसले पर सवाल उठने लगे हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने भी केरल सरकार के इस कदम पर आश्चर्य जताया और वामपंथी नेता सीताराम येचुरी से इस बाबत सवाल भी किया है। दरअसल, एलडीएफ सरकार के पुलिस अधिनियम में संशोधन अध्यादेश को मंजूरी के बाद अब सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने पर पांच साल की सजा हो सकती है। राज्य सरकार का कहना है कि इस अध्यादेश को महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध रोकने के लिए लाया गया है। सरकार के इस निर्णय पर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने अपना विरोध जताया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने तो कहा कि वो इस अध्यादेश की मंजूरी की खबर सुनकर स्तब्ध हैं। चिदंबरम ने रविवार को ट्वीट कर कहा, केरल की एलडीएफ सरकार द्वारा 'सोशल मीडिया पर तथाकथित आपत्तिजनक पोस्ट' करने के कारण 5 साल की सजा सुनकर स्तब्ध हूं।' जबकि एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, 'मेरे मित्र और सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी इस अत्याचारी निर्णय का बचाव कैसे करेंगे?' उल्लेखनीय है कि साइबर अपराधों के चलते नागरिकों की निजी जानकारी को बड़ा खतरा पैदा होने की सूरत में केरल सरकार ने यह अध्यादेश लाया है। इसके तहत अगर कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर किसी अन्य को जानबूझकर डराने और अपमान व बदनाम करने के लिए कोई आपत्तिजनक सामग्री डालता है या प्रसारित करता है तो उसे पांच साल तक की सजा या दस हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है। हिन्दुस्थान समाचार/आकाश/रामानुज-hindusthansamachar.in