कृषि कानूनों पर प्रधानमंत्री के फैसले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वो जनता की बात सुनते हैं, पाक के मंसूबे भी हुए फेल

कृषि कानूनों पर प्रधानमंत्री के फैसले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वो जनता की बात सुनते हैं, पाक के मंसूबे भी हुए फेल
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22 यानी लखनऊ में आज किसानों की महापंचायत का दिन है। महापंचायत से पहले राकेश टिकैत ने कहा है कि ये किसान विरोधी सरकार की ताबुत में आखिर किल होगा। संयुक्त किसान मोर्चा की सरकार को चिट्ठी भी लिखी गई है। तीनों कृषि कानूनों के रद्द होने के बाद ये क्लिक »-www.prabhasakshi.com

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