कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों से ममता ने की बात
कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों से ममता ने की बात
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कृषि कानूनों के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों से ममता ने की बात

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कोलकाता, 23 दिसम्बर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और ममता बनर्जी के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को उन किसानों से बात की जो केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली से सटे सिंघु बॉर्डर के धरने पर बैठे हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने 5 सांसदों को आंदोलनरत किसानों से मुलाकात करने के लिए भी भेजा है जिन्होंने किसानों से बात की है। टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सिंघु बॉर्डर पर भूख हड़ताल पर बैठे किसानों से फोन पर बात की और किसान आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की। इसके साथ ही ममता बनर्जी के निर्देश पर पार्टी के एमपी डेरेक ओ ब्रायन, शताब्दी रॉय, प्रसून बनर्जी, प्रतिमा मंडल और नद्दीमुल हक सहित पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सिंघु बॉर्डर पर हाईवे पर भूख हड़ताल बैठे किसानों से मुलाकात की और उनके आंदोलन के साथ एकजुटता दिखाई। तृणमूल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ममता बनर्जी ने किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को कृषि बिल को निरस्त करना चाहिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पूरे देश को खाना खिलाने वाले किसान भूखे रहने को मजबूर हो रहे हैं। कोलकाता में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए टीएमसी के महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि किसान दिवस के अवसर टीएमसी किसान आंदोलन के समर्थन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताती है। टीएमसी आंदोलनरत किसानों के साथ है। टीएमसी सूत्रों ने बताया कि ममता बनर्जी ने किसानों को आश्वस्त किया है कि उनकी पार्टी आंदोलन के साथ है। हिन्दुस्थान समाचार/ ओम प्रकाश/रामानुज-hindusthansamachar.in