किसानों को उपज बेचने के लिए ‘एकल’ नहीं हजारों बाजार की जरूरत : चिदंबरम
किसानों को उपज बेचने के लिए ‘एकल’ नहीं हजारों बाजार की जरूरत : चिदंबरम
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किसानों को उपज बेचने के लिए ‘एकल’ नहीं हजारों बाजार की जरूरत : चिदंबरम

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नई दिल्ली, 22 सितम्बर (हि.स.)। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने केंद्र सरकार के ‘वन नेशन वन मार्केट’ पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि देश के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए हजारों बाजार की जरूरत है, ना कि एकल बाजार की। पी. चिदंबरम ने मंगलवार कोे ट्वीट कर कहा कि सरकार ने कृषि विधेयक का बचाव करेत हे विज्ञापन जारी किया है। विज्ञापन में एक पंक्ति कहती है कि 'वन नेशन वन मार्केट' किसानों को आजादी देगा। उन्होंने कहा कि छोटे किसान लगभग 85 प्रतिशत हैं, जिनके पास बेचने के लिए बहुत कम अधिशेष (सरप्लस) बचते हैं। अगर उन्हें धान या गेहूं के कुछ बैग बेचने पड़ें, तो उन्हें पूरे देश में हजारों बाजार की जरूरत है, एक ही बाजार की नहीं। पूर्व वित्तमंत्री ने पूछा कि ‘वन नेशन वन मार्केट’ की कल्पना को लाने में लगी सरकार बताएगी कि दूर-दराज के गावों के किसान कैसे अपनी उपज को एकल मार्केट में बेच सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बड़े गांवों और छोटे शहरों में हजारों किसानों के बाजार बनाने के लिए बिल में क्या कोई प्रावधान है? क्यों कि ये हजारों बाजार किसानों को आजादी देंगे। वहीं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के मुद्दे पर कांग्रस नेता ने कहा कि यदि सरकार की मंशा एमएसपी की गारंटी देने की है तो फिर लाए गए संबंधित विधेयक में ऐसा कोई क्लॉज क्यों नहीं है। अगर सरकार इसे स्पष्ट करे तो किसानों को भी यह जानकर राहत मिलेगी कि उपज का मूल्य एमएसपी से कम नहीं होगा। हिन्दुस्थान समाचार/आकाश-hindusthansamachar.in