काव्य रूप में पढ़ें श्रीरामचरितमानस: भाग-29

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काव्य-रूप-में-पढ़ें-श्रीरामचरितमानस-भाग-29

शूपणखा दौड़ी गयी, फिर रावण के पास धिक्कारा उसको बहुत, और किया उपहास। और किया उपहास, रात-दिन सोने वाले सिर पर आया काल, शराबी ओ मतवाले। कह ‘प्रशांत’ रो-रोकर पूरी बात बताई रावण सहित सभा सारी सुनकर अकुलाई।।31।। - शूपणखा ने फिर कहा, हैं वे अवध कुमार और साथ उनके क्लिक »-www.prabhasakshi.com

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