कान्हा की नगरी में जूते-चप्पलों की रखवाली कर यशोदा ने 40 लाख से गौशाला-धर्मशाला निर्माण कार्य किया शुरू
कान्हा की नगरी में जूते-चप्पलों की रखवाली कर यशोदा ने 40 लाख से गौशाला-धर्मशाला निर्माण कार्य किया शुरू
देश

कान्हा की नगरी में जूते-चप्पलों की रखवाली कर यशोदा ने 40 लाख से गौशाला-धर्मशाला निर्माण कार्य किया शुरू

news

मथुरा, 22 सितम्बर(हि.स.)। वृंदावन नगर के बांकेबिहारी मंदिर तथा अन्य मंदिरों की गली में जूते-चप्पलों की रखवाली करने वाली एक विधवा महिला ने 30 वर्षों की कमाई 40 लाख से एक गौशाला व धर्मशाला का निर्माण शुरू कर डाला है। इस महिला ने श्रीकृष्ण की भक्ति के साथ-साथ यह प्रण लिया था कि वह जो भी कमाई करेगी उससे आवारा गायों के लिए गौशाला का निर्माण करायेंगी तथा मेरे तरह निर्धन लोगों के लिए धर्मशाला बनवाउंगी। मंगलवार को इसका पोस्ट सोशल मीडिया पर मथुरा की सांसद हेमामालिनी के पीआरओ जनार्दन शर्मा किया है। बांकेबिहारी मंदिर अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं के जूते चप्पलों की रखवाली करके फुटकर पैसों से अपनी गुजर बसर करने वाली महिला के जब्जे को हिन्दुस्थान की टीम सलाम करती है। जिसने यह बता दिया कि कन्हैया के प्रति भक्ति व प्रेम के आगे हमारी सभी पूजा-अर्चना छोटी रह जाती हैं। मात्र 20 वर्ष की आयु में विधवा हुई महिला का नाम ही यशोदा है जो कि सार्थक भी है। पीले रंग की साधारण सी धोती पहने बैठी बांकेबिहारी मंदिर की गली में बैठकर लोगों की जूते-चप्पल रख पिछले 30 वर्षों में 51 लाख दो हजार 550 रूपए इकट्ठा करके 40 लाख की रकम से विगत दिनों एक गौशाला व धर्मशाला का निर्माण वृंदावन नगर में कराना शुरू कर दिया है। कान्हा की सबसे प्रिय गाय की दुर्दशा देखते हुए कान्हा की इस यशोदा मां ने खाने के लिए भटकती गौ के लिए गौशाला का निर्माण कराना शुरू कर दिया है। इस देवी मां को प्रणाम है इनका कार्य अतुलनीय वंदनीय है और प्रशंसा करने योग्य है और प्रेरणादायक है। हिन्दुस्थान समाचार/महेश-hindusthansamachar.in