कांग्रेस का पीएम मोदी पर तंज, ‘कोरोना से युद्ध तो जारी पर सेनापति नदारद’
कांग्रेस का पीएम मोदी पर तंज, ‘कोरोना से युद्ध तो जारी पर सेनापति नदारद’
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कांग्रेस का पीएम मोदी पर तंज, ‘कोरोना से युद्ध तो जारी पर सेनापति नदारद’

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नई दिल्ली, 07 सितम्बर (हि.स.)। देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर है। ऐसे में कांग्रेस ने मोदी सरकार पर एक बार फिर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर देश कोरोना की मार से कराह रहा है और प्रधानमंत्री मोर को दाना चुगाने में व्यस्त हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि बीते 24 मार्च को मोदी जी ने कहा था कि महाभारत का युद्ध 18 दिन चला था, कोरोना से युद्ध जीतने में 21 दिन लगेंगे। आज 166 दिन बाद भी समूचे देश में कोरोना की महाभारत छिड़ी है। लोग मर रहे हैं, पर मोदी जी को फिक्र नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा कि कोरोना से युद्ध तो जारी है पर सेनापति नदारद है। कोरोना से जंग में यह सरकार पूरी तरह नाकारा साबित हुई है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोमवार को वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश में मरीजों का आंकड़ा 42 लाख को पार कर गया है। पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमण के मामले में भारत दूसरे नंबर पर है। प्रतिदिन कोरोना संक्रमण और प्रतिदिन मृत्यदर में भारत एक नंबर पर है। उन्होंने पूरा कि जब देश में इतना कुछ हो रहा है तो प्रधामंत्री मोदी कहां है? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक कहावत है कि "रोम जल रहा था - नीरो बंसी बजा रहा था” वैसे ही, देश कोरोना की गर्त में जा रहा है और मोदी जी मोर को दाना चुगा रहे हैं। कोरोना महामारी को लेकर विशेषज्ञों के आंकड़ों को रखते हुए कहा कि अगर संक्रमण की रफ्तार यही रही तो आगामी 30 नवंबर तक कोरोना संक्रमण के कुल मामले एक करोड़ हो जाएंगे, जो 30 दिसंबर तक 1.40 करोड़ हो सकते हैं। वहीं उन्होंने कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या 01 लाख 75 हजार तक बढ़ने की भी आशंका जताई। इस दौरान सुरजेवाला ने कहा कि कमरतोड़ लॉकडाउन और तुगलकी आदेश ने लोगों की जिंदगी को संकट में डाल दिया है। इस दौरान कांग्रेस नेता ने केंद्रीय नेतृत्व की विफलता और कोरोना को नियंत्रित करने की योजना के संबंध में जवाब भी मांगा। उन्होंने कहा कि सरकार को देश की जनता को बताया होगा कि उनके पास क्या उपाय और विकल्प हैं। उन्होंने पूछा कि कोरोना संक्रमण की विस्फोटक अवस्था को समाहित करने की सरकार के पास क्या योजना है? इस महामारी के संक्रमण को फैलने से कैसे रोका जाएगा। कोरोना से हो रही बेतहाशा मौतों पर कैसे नियंत्रण होगा? डूबती अर्थव्यवस्था से देश को कैसे उबारेगी सरकार? और आखिर में उन्होंने पूछा कि क्या केंद्र के पास कोई हल है या फिर भगवान पर इल्जाम लगा दिया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/आकाश/सुनीत-hindusthansamachar.in