करतारपुर कॉरिडोर का प्रबंधन सिखों से लेने का भारत ने किया विरोध
करतारपुर कॉरिडोर का प्रबंधन सिखों से लेने का भारत ने किया विरोध
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करतारपुर कॉरिडोर का प्रबंधन सिखों से लेने का भारत ने किया विरोध

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- भारत ने पाकिस्तान से इस बेतुके फैसले को वापस लेने की मांग की नई दिल्ली, 05 नवम्बर (हि.स.)। भारत ने करतारपुर कॉरिडोर का नियंत्रण पाकिस्तान की सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से लेकर उसे गैर सिख एवैक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड को सौंपे जाने को अल्पसंख्यकों की धार्मिक भावनाओं के खिलाफ बताया है। भारत ने पाकिस्तान से इस बेतुके फैसले को वापस लेने की मांग की है। विदेश मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तान का यह एकतरफा निर्णय करतारपुर कॉरिडोर की मूल भावना के खिलाफ है। सिख समुदाय ने पाकिस्तान के अल्पसंख्यक सिखों के अधिकारों पर निशाना लगाते हुए किए गए इस कृत्य के खिलाफ सरकार से अपील की है। पाकिस्तान का यह कदम वहां की सरकार और वहां के नेतृत्व के धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों और भलाई को सुनिश्चित करने के बड़े-बड़े दावों की पोल खोलता है। भारत ने पाकिस्तान से मांग की है कि वह सिख अल्पसंख्यक समुदाय को पवित्र करतारपुर गुरुद्वारे के प्रबंधन के अधिकार से वंचित करने के बजाय अपने निर्णय को वापस ले। उल्लेखनीय है कि करतारपुर साहिब गुरुद्वारा के प्रबंधन को सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति से छीन कर ईटीपी बोर्ड को सौंपा गया है जिसमें 9 लोग शामिल हैं। पूरे बोर्ड में एक भी सिख नहीं है। प्रबन्ध बोर्ड की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट को सौंपा गया है जिसके सीईओ मोहम्मद आरिफ खान है। इमरान खान सरकार गुरुद्वारे के जरिए पैसा कमाने की कोशिश में लगी है। यह भी बताया जा रहा है कि ईटीपी बोर्ड को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई कंट्रोल करती है। हिन्दुस्थान समाचार/अनूप/सुनीत-hindusthansamachar.in