कम बारिश से सोयाबीन और मूंगफली उत्पादक किसान चिंता में आए
कम बारिश से सोयाबीन और मूंगफली उत्पादक किसान चिंता में आए
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कम बारिश से सोयाबीन और मूंगफली उत्पादक किसान चिंता में आए

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– जुलाई का महीना सूखा गुजरा – झमाझम बारिश का इंतजार शिवपुरी : कोरोना संकट के बीच इस समय कम बारिश से किसान चिंता में आ गए हैं। कम बारिश से सोयाबीन और मूंगफली उत्पादक किसानों की परेशानी यह है कि बारिश न होने से इनकी फसलें खराब हो रही है। शिवपुरी जिला जो मूंगफली उत्पादन के लिए जाना जाता है यहां पर कम बारिश के बाद किसानों का बुरा हाल है। सोयाबीन की फसल भी संकट में है। इस साल जून में ही जल्द बारिश का क्रम बनने से इन किसानों ने खेतों में बोवनी कर दी इसके बाद बारिश थम गई। जिले में पिछले 15 दिन से बारिश नहीं हुई है। दो दिन पहले अवश्य शिवपुरी मुख्यालय पर दो घंटे बारिश हुई लेकिन यह बारिश भी ऐसी थी कि खंड बारिश के कारण एक जगह बारिश तो 2 से 5 किमी दूर बारिश नहीं। कुल मिलाकर किसान परेशान हैं। जल्द बारिश की जरूरत- किसानों का कहना है कि इस समय जल्द से जल्द एक दो अच्छी बारिश की आवश्यकता है। कम बारिश से फसलें खराब हो रही है। किसानों ने बताया कि जल्द बारिश हो गई तो ठीक नहीं तो सब कुछ खत्म हो जाएगा। शिवपुरी जिले में 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली और 1 लाख 50 हजार से ज्यादा हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बोवनी किसानों ने की है। ऐसे में बारिश समय से नहीं हुई तो किसानों को भारी नुकसान है। अब तक 252.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज- इस साल शिवपुरी में कम बारिश हुई है। जिले में 01 जून 2020 से अभी तक 252.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। जिले में गत वर्ष आज दिनांक तक 332.7 मि.मी. वर्षा हुई है। भू-अभिलेख अधीक्षक ने बताया कि जिले की औसत वर्षा 816.3 मि.मी. है। गत वर्ष जिले में कुल 1049.16 मि.मी. वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। उन्होंने बताया कि अभी तक शिवपुरी में 189.60 मि.मी., बैराड़ में 283 मि.मी., पोहरी में 239 मि.मी., नरवर में 377 मि.मी., करैरा में 352.4 मि.मी., पिछोर में 114.1 मि.मी., कोलारस में 230 मि.मी., बदरवास में 287.50 मि.मी. एवं खनियांधाना में 201 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।-newsindialive.in