एलएसी पर 45 साल बाद भारत-चीन में फायरिंग
एलएसी पर 45 साल बाद भारत-चीन में फायरिंग
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एलएसी पर 45 साल बाद भारत-चीन में फायरिंग

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- एलएसी के पास दोनों देशों के सैनिकों के बीच लंबे समय से तनाव - दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने फायरिंग रेंज में तैनात नई दिल्ली, 08 सितम्बर (हि.स.)। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास भारत और चीन के सैनिकों में गोलीबारी हुई है।सरकार से जुड़े शीर्ष सूत्रों ने एलएसी पर घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। चीन का दावा है कि भारतीय सैनिकों ने पहले गोलीबारी की है। भारत-चीन सीमा पर 1975 के बाद से गोलीबारी की यह पहली घटना है। एलएसी के पास दोनों देशों के सैनिकों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। दोनों ओर से सैन्य तथा कूटनीतिक स्तर पर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है लेकिन पिछले एक हफ्ते से दोनों देशों के बीच तनाव ज्यादा बढ़ा है। खासकर जबसे भारत ने पिछले सप्ताह पैगॉन्ग झील के दक्षिणी किनारे पर रणनीतिक चोटियों और दर्रों पर नियंत्रण करने के बाद अपना दबदबा बना लिया है तबसे दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने फायरिंग रेंज में तैनात हैं। भारतीय जवानों की तैनाती और जवाबी कार्रवाई से चीन की सेना परेशान है. तनावपूर्ण माहौल के बीच दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है. चीनी प्रवक्ता ने कहा कि चीनी सीमा रक्षा सैनिकों को स्थिति को स्थिर करने के लिए जवाबी कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया गया था। चीनी पीएलए वेस्टर्न थियेटर कमांड के कर्नल झांग शुइली ने देर रात बयान में कहा कि हम भारतीय पक्ष से खतरनाक कार्यों को तुरंत रोकने का अनुरोध करते हैं और उन कर्मियों की कड़ाई से जांच और दंडित करने की मांग करते हैं जिन्होंने गोलीबारी की। चीनी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि भारत ने फिर उकसाने की कार्यवाही करते हुए अवैध रूप से एलएसी को पार करके गोलीबारी की है। हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत-hindusthansamachar.in