उप्र के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की अंतरिम जमानत की याचिका खारिज
उप्र के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की अंतरिम जमानत की याचिका खारिज
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उप्र के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की अंतरिम जमानत की याचिका खारिज

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नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने रेप के आरोपित उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत देने की मांग खारिज कर दी है। जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि हमारे फैसले का इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष नियमित जमानत याचिका की मेरिट पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले 13 अक्टूबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान गायत्री प्रजापति की ओर से वकील राजीव धवन ने कहा था कि आरोपित पिछले 3 सालों से जेल में बंद है। उसे कई बीमारियां हैं जिनका इलाज जरूरी है। उप्र सरकार की ओर से कहा गया था कि मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक गायत्री प्रजापति को कोई गंभीर समस्या नहीं है। कोर्ट ने पिछले 21 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली अंतरिम जमानत पर रोक लगा दी थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले 5 सितम्बर को गायत्री प्रजापति को दो महीने की अंतरिम ज़मानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। पीड़ित महिला समाजवादी पार्टी की कार्यकर्ता है। उसके मुताबिक गायत्री प्रजापति ने 2014 से जुलाई 2016 तक 2 साल उसके साथ लगातार रेप किया। प्रजापति और उनके सहयोगियों ने कुछ मौकों पर उसके साथ सामूहिक रेप भी किया। जब प्रजापति ने उसकी 14 साल की बेटी के साथ बलात्कार की कोशिश की तब उसने पुलिस में शिकायत की । कोई कार्रवाई न होने पर उसने 7 अक्टूबर, 2016 को प्रदेश के डीजीपी से भी शिकायत की लेकिन वहां भी कोई कार्रवाई नहीं हुई । तब उसने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद प्रजापति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिेए गए थे। हिन्दुस्थान समाचार/ संजय-hindusthansamachar.in