उपराष्ट्रपति ने नई शिक्षा नीति का स्वागत किया, बताया महत्वपूर्ण कदम
उपराष्ट्रपति ने नई शिक्षा नीति का स्वागत किया, बताया महत्वपूर्ण कदम
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उपराष्ट्रपति ने नई शिक्षा नीति का स्वागत किया, बताया महत्वपूर्ण कदम

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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को नई शिक्षा नीति पर उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू को जानकारी दी। नई शिक्षा नीति 2020 को बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मंत्री ने नई शिक्षा नीति की एक प्रति और इसकी विशेषताओं का एक नोट उपराष्ट्रपति को सौंपा। उपराष्ट्रपति ने ट्वीट किया, मुझे हर्ष है कि सरकार ने नई शिक्षा नीति को स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिसे अनेक स्तर पर विभिन्न भागीदारों के साथ गहरे विचार-विमर्श के बाद तैयार किया गया है। इस महती प्रयास के लिए मैं डॉ कस्तूरीरंगन और उनके सहयोगियों का अभिनंदन करता हूं। उन्होंने इस बहु प्रतीक्षित नई शिक्षा नीति को तैयार किया है। उन्होंने कहा कि यह संतोष का विषय है कि सरकार ने नई शिक्षा नीति लागू करने का फैसला किया है। यह बच्चों और युवाओं के लिए अच्छी शिक्षा को सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने नई शिक्षा नीति का स्वागत किया, लेकिन यह आशंका जताई कि यह गरीबों के लिए शिक्षा को अप्रभावी बना सकती है। थरूर के अनुसार, इसका रुझान केंद्रीयकरण, उच्च आकांक्षा और कम व्यावहारिकता की ओर है। थरूर ने इस बात पर सवाल उठाया कि इसे पहले संसद के सामने क्यों नहीं लाया गया? इस बीच, भाकपा ने आरोप लगाया कि सरकार की नई शिक्षा नीति शिक्षा तक सबकी पहुंच की अवधारणा के अनुरूप नहीं है। यह शिक्षा के बाजार बनाने पर केंद्रित है। पार्टी ने एक बयान में कहा कि राजग सरकार ने नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे दी है। इस नीति के जरिये मौलिक बदलाव किए गए हैं, जिनसे शिक्षा के बाजार पैदा होंगे। यह नीति सरकारी स्कूलों के जरिये शिक्षा तक सभी की पहुंच सुनिश्चित करने की अवधारणा से दूर है। यह समाज के वंचित तबकों एवं गरीबों को अच्छी शिक्षा मुहैया कराने के अनुरूप नहीं है।-newsindialive.in