आरएसएस अभा कार्यकारी मंडल की बैठक में पहले दिन सेवा कार्यों व स्वावलम्बन पर बल
आरएसएस अभा कार्यकारी मंडल की बैठक में पहले दिन सेवा कार्यों व स्वावलम्बन पर बल
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आरएसएस अभा कार्यकारी मंडल की बैठक में पहले दिन सेवा कार्यों व स्वावलम्बन पर बल

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- उप्र पूर्वी क्षेत्र की बैठक में काशी, अवध, कानपुर और गोरक्ष प्रांत के पदाधिकारी रहे उपस्थित - संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत कई केंद्रीय पदाधिकारी बैठक में शामिल प्रयागराज, 22 नवम्बर (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल पूर्वी उत्तर प्रदेश की बैठक रविवार को प्रयागराज के गौहनिया स्थित वशिष्ठ वात्सल्य स्कूल में शुरू हो गई। बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह सुरेश भैया जी जोशी समेत कई केंद्रीय पदाधिकारी शामिल हुए हैं। पहले दिन सेवा कार्य, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता पर बल दिया गया। सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की अध्यक्षता में प्रारम्भ हुई बैठक में सबसे पहले सरकार्यवाह सुरेश भैया जी जोशी ने लाकडाउन के समय संघ के स्वयंसेवकों द्वारा किये गये सेवा कार्यों की समीक्षा की। साथ ही संघ द्वारा आत्मनिर्भरता के लिए किये जा रहे प्रयासों पर चर्चा की। लाकडाउन के समय प्रांतों में जो सेवा कार्य किये गये उन्हें प्रांत के अनुसार उनकी समीक्षा की गई। दरअसल संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की इस बैठक में पूर्वी उत्तर प्रदेश के चारों, काशी, अवध, कानपुर और गोरक्ष प्रांत के पदाधिकारी शामिल हैं। सभी प्रांत कार्यवाहों ने इस दौरान अपने प्रांत के अंदर किये गये सेवा कार्यों की जानकारी दी। यह बताया गया कि इस कार्य में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समाज का सहभाग हुआ। प्रवासी मजदूर हों या छात्र सभी के लिये सेवा कार्य किये गये। बैठक में यह भी बताया गया कि लाकडाउन के समय रक्तदान हो अथवा भोजन पैकेट, भोजन सामग्री और वस्त्र आदि सभी का वितरण किया गया। साथ ही सभी प्रांतों में आत्मनिर्भरता के भी प्रयास किये गये। स्वावलंबन के प्रयास जारी हैं। विद्यार्थियों की शिक्षा हो अथवा मजदूरों को आत्मनिर्भर बनाने वाले कार्य अपने सामथ्र्य के अनुरुप स्वयंसेवक कर रहे हैं। इसके अलावा आज कई और महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। यह बैठक सोमवार को भी चलेगी। संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. मुरारजी त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार को कोविड-19 से प्रभावित जन जीवन के साथ कुटुम्ब प्रबोधन, समरसता, पर्यावरण आदि समयामयिक विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। संघ से जुड़े सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक में अयोध्या में निमार्णाधीन श्रीराम मंदिर को लेकर उसके व्यापक प्रचार प्रसार पर भी रणनीति बनाई जा सकती है। गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की कार्य पद्धति में प्रतिवर्ष दीपावली के समीप संघ अपने अखिल भारतीय कार्यकारी की बैठक नियमित रुप से करता है। इस बैठक में अपने नित्य प्रति चल रहे कार्यों की समीक्षा व आगामी कार्यों की योजना तैयार करता है। इस बैठक में क्षेत्र और प्रांत संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक और अखिल भारतीय दायित्व वाले पदाधिकारी समेत लगभग 350 कार्यकर्ता उपस्थित रहते हैं। कोरोना संकट के कारण संघ ने इस वर्ष इस बैठक को राष्ट्रीय स्तर पर न करके क्षेत्र अनुसार आयोजित करने की योजना बनाई है। इसके लिए पूरे देश को 11 क्षेत्रों में बांटा गया है। इसी क्रम में 18 और 19 नवम्बर को गाजियाबाद में पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र की बैठक आयोजित हुई और आज से पूर्वी उत्तर प्रदेश के चार प्रांतों की बैठक प्रयागराज में शुरु हुई है। बैठक में संघ के सभी सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, डॉ. मनमोहन वैद्य, डॉ. कृष्ण गोपाल और मुकुन्द के अलावा तीन अखिल भारतीय पदाधिकारी बालकृष्ण त्रिपाठी, अनिल ओक व अजीत महापात्रा के अलावा अवध, काशी, कानपुर और गोरक्ष प्रांत के अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल के सदस्य सहभाग कर रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/पीएन द्विवेदी/सुनीत-hindusthansamachar.in