अनुच्छेद 370 खत्म होने के साथ ध्वस्त हुआ लद्दाख के विकास की राह का 'स्पीड ब्रेकर': नकवी
अनुच्छेद 370 खत्म होने के साथ ध्वस्त हुआ लद्दाख के विकास की राह का 'स्पीड ब्रेकर': नकवी
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अनुच्छेद 370 खत्म होने के साथ ध्वस्त हुआ लद्दाख के विकास की राह का 'स्पीड ब्रेकर': नकवी

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अजीत पाठक लेह/नई दिल्ली 10 सितम्बर (हि.स.)। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर और लेह-कारगिल के विकास में बाधा बने तमाम कानूनों को खत्म करके लद्दाख के विकास की रफ्तार पर लगा 'स्पीड ब्रेकर' ध्वस्त किया गया है। नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न आर्थिक, शैक्षणिक विकास योजनाओं-कार्यक्रमों का लाभ जम्मू-कश्मीर, लेह-कारगिल के लोगों को मिलना शुरू हो गया है। लेह के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे नकवी ने लेह, साबू-थांग, शुकोट शमा, शुकोट गोंगमा, फ्यांग आदि में सभाएं, जन संपर्क, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भेंट एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा की। नकवी ने कहा कि 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर और लेह-कारगिल में विकास की 'राजनैतिक एवं कानूनी अड़चने' खत्म हुई है और विकास का चौमुखी समावेशी माहौल बना है। 75 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगारपरक कौशल विकास की ट्रेनिंग मुहैया कराई गई है। 50 नए कॉलेज स्थापित किये जा रहे हैं, वर्तमान में जो कॉलेज हैं उनमे 1 वर्ष में 25 हजार नयी सीटें बढ़ाई गयी हैं। लाखों छात्र-छात्राओं को विभिन्न स्कॉलरशिप्स दी गई हैं, स्कॉलरशिप्स में 60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लद्दाख में 1 नए मेडिकल कॉलेज, 1 इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की जा रही है। लेह में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि हजारों रिक्त पड़ी सरकारी नौकरियों को भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 35 हजार से ज्यादा स्कूल टीचर्स को नियमित कर दिया गया है। 500 करोड़ रुपये से ज्यादा कंस्ट्रक्शन मजदूरों, पिट्ठूवाला, रेहड़ी वालों, महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों के लिए दिए गए हैं। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख को 'इन्वेस्टमेंट हब' बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। ग्लोबल इन्वेस्टमेंट सम्मिट से 14 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है।नकवी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के सभी निवासियों को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराया गया है। आयुष्मान भारत का लाभ 30 लाख से ज्यादा लोगों को दिया गया है। कोरोना काल में 17 विशेष अस्पताल, 60 हजार नए बेड की व्यवस्था की गई है। कोरोना के चलते देश-विदेश में फंसे जम्मू, कश्मीर, लद्दाख के 2 लाख 50 हजार से ज्यादा लोगों को वापस उनके घर पहुंचाया गया। अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, लेह-कारगिल में प्रशासनिक, भूमि, आरक्षण आदि सुधार हुए हैं। केंद्र सरकार के 890 कानून लागू हो गए हैं, राज्य के 164 कानून खत्म किये गए हैं, 138 कानूनों में सुधार किया गया है। सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था में सुधार कर अधिक से अधिक जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख में बड़े पैमाने पर विकास कार्यों की रुपरेखा बनाई है। आने वाले समय में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख में स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, हॉस्टल, आवासीय विद्यालय, पॉलिटेक्निक, हुनर हब, कॉमन सर्विस सेंटर, सद्भावना मंडप, विभिन्न स्वास्थ्य परियोजनाओं आदि का निर्माण करेगा। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लेह-कारगिल में स्वतंत्र हज कमेटी एवं वक्फ बोर्ड स्थापित किये जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में तीन दर्जन से ज्यादा बड़े आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक, प्रशासनिक, व्यापारिक, श्रमिक, रक्षा, कोयला, नागरिक उड्डयन, ऊर्जा डिस्ट्रीब्यूशन, अंतरिक्ष, फॉरेस्ट लैंड, कृषि, संचार, बैंकिंग, निवेश एवं डेरी से लेकर फेरी वालों तक की बेहतरी के लिए बड़े और महत्वपूर्ण रिफॉर्म किये गए जिसके चलते देश की अर्थव्यवस्था आपदा के बावजूद अवसर से भरपूर रही। 'नई शिक्षा नीति' राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए), "मिशन कर्मयोगी" - राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम (एनपीसीएससीबी), सुधार की दिशा में मोदी सरकार के ऐतिहासिक कदम हैं। इन सभी फैसलों का सीधा फायदा जम्मू, कश्मीर, लेह, कारगिल को भी हो रहा है। नकवी ने लेह-लद्दाख प्रशासन के अधिकारियों के साथ विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा की। हिन्दुस्थान समाचार-hindusthansamachar.in