अजातशत्रु थे पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी: उद्धब ठाकरे
अजातशत्रु थे पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी: उद्धब ठाकरे
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अजातशत्रु थे पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी: उद्धब ठाकरे

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- महाराष्ट्र विधानसभा ने दी प्रणब मुखर्जी को श्रद्धांजलि मुंबई, 07 सितम्बर (हि.स.)। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी अजातशत्रु थे। उनका आजीवन किसी से भी वैर नहीं रहा। आजीवन प्रणब मुखर्जी मूल्य आधारित राजनीति को प्राधान्य देते रहे। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इन शब्दों के साथ सोमवार को विधानसभा में श्रद्धांजिल दी है। विधानसभा में सोमवार को प्रणब मुखर्जी के श्रद्धांजलि का प्रस्ताव पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रणब जी हमेशा अपने जीवन में मूल्यों को प्राधान्य देते थे। राष्ट्रपति चुनाव के समय शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे ने प्रणब मुखर्जी का समर्थन किया था। इस बात को प्रणब मुखर्जी नहीं भूले थे। इसलिए शिवसेना ने जब उनके नेतृत्व में मुंबई नगर निगम का चुनाव जीता तो प्रणब मुखर्जी खुद मुंबई आए थे। उस समय प्रणब मुखर्जी ने कहा था कि वह शिवसेना प्रमुख के सहयोग से राष्ट्रपति बने थे। इसी वजह से वह उन्हें (उद्धव ठाकरे) को बधाई देने आए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में इस तरह मूल्यों का पालन भला करना ही कौन है। लोग किसी के सहयोग से सत्ता हासिल करने के बाद सहयोग करने वालों को भूल जाते हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि बतौर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देशहित में बहुत लोकहितकारी काम किए। कांग्रेस पार्टी को मुसीबत के समय उसे उबारने का अहम काम भी प्रणब जी ने किया था। मुख्यमंत्री ने सभागृह में अनिल राठोड़, सुधाकर परिचारक, हरिभाउ जावले, सदाशिव ठाकरे, रामकृष्ण पाटील, शीतलदास खूबचंदानी, सुनील शिंदे, शामराव पाटील, सुरेश पाटील, रामरतन राऊत, चंद्रकांता गोयल को भी श्रद्धांजलि दी है। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी पर प्रणब जी का विशेष प्रेम रहता था। वह हमेशा राजनीतिक पार्टी परिधि से हटकर सभी दलों के नेताओं से संबंध बनाए रखते थे। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को हमेशा प्रणब जी एक पालक की तरह मार्गदर्शन देते थे। देवेंद्र फडणवीस ने अन्य दिवंगत विधायकों को भी श्रद्धांजलि दी है। हिन्दुस्थान समाचार/राजबहादुर/सुनीत-hindusthansamachar.in