अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी मामला: एनआईए ने 9 बांग्लोदशी सहित 12 तस्करों के खिलाफ पेश की चार्जशीट
अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी मामला: एनआईए ने 9 बांग्लोदशी सहित 12 तस्करों के खिलाफ पेश की चार्जशीट
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अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी मामला: एनआईए ने 9 बांग्लोदशी सहित 12 तस्करों के खिलाफ पेश की चार्जशीट

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- 19-25 साल की लड़कियों की करते थे तस्करी, 80 के दशक से चला रहे थे सेक्स रैकेट नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी मामले में हैदराबाद की एक विशेष एनआईए अदालत में 9 बांग्लादेशी सहित 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है। आरोप पत्र में एनआईए ने कहा है कि आरोपित 80 के दशक से सेक्स रैकेट चला रहे थे। इनके निशाने पर ज्यादातर 19 से 25 साल की लड़कियां हुआ करती थीं। एनआई के एक प्रवक्ता ने अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी समूह का खुलासा करते हुए बताया कि चार्जशीट में जिन 12 आरोपितों के नाम हैं, उनमें 9 बांग्लादेशी नागरिक हैं। हैदराबाद स्थित स्पेशल एनआईए कोर्ट में इनके खिलाफ शनिवार को आरोप-पत्र दायर किया गया है। आरोपितों के नाम अब्दुल बारीक शेख, रुहुल अमीन ढली, असद हसन, मोहम्मद युसूफ खान, बीथि बेगम, मोहम्मद राना हुसैन, शरीफ शेख, मोहम्मद अल-मामून, शोजीब शेख, सुरेश कुमार दास, मोहम्मद अब्दुल्लाह मुंशी और मोहम्मद अयूब शेख हैं। असद हसन, रुहुल अमीन ढली पश्चिम बंगाल और शरीफ शेख महाराष्ट्र का है। ये सभी आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं। उल्लेखनीय है कि 21 सितम्बर, 2019 को हैदराबाद के पहाड़ीशरीफ पुलिस स्टेशन में यह मामला दर्ज कर पुलिस ने रंगारेड्डी के बालापुर स्थित जलपल्ली गांव के महमूद कालोनी में स्थित दो वेश्यालयों में छापा मारा था। मानव तस्करी में लिप्त 10 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही बांग्लादेश की चार लड़कियां भी बरामद की गईं। इसके अलावा इस छापेमारी में कई डिजिटल गैजेट्स व ढेरों फर्जी आईडी कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे। एनआईए की पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार आरोपित अमीन ढली और अब्दुल बारिक शेख के सहयोगी थे, जो आधिकारिक तौर पर बांग्लादेश की युवा लड़कियों को भारत लाते थे और भारत की लड़कियों को बंग्लादेश में पहुंचाते थे। अमीन ढली को एनआईए ने इससे पहले एक अन्य मामले में भी गिरफ्तार किया था। ढली और शेख के बीच मनी ट्रांसफर हुई थी और अमीन ढली को सीमा पार कमीशन का भुगतान भी किया गया था। एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि अमीन ढली और अन्य 10 गिरफ्तार आरोपितों ने 1980 के दशक में अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था। इसके बाद भारत के विभिन्न हिस्सों में मोहम्मद युसूफ खान और बीथि बेगम के साथ मिलकर वेश्यावृत्ति रैकेट स्थापित किया था। इन सभी ने बांग्लादेश में अपने सहयोगियों के साथ एक आपराधिक साजिश रची और 19 से 25 वर्ष आयु की युवा बांग्लादेशी लड़कियों की तलाश की। इसके बाद उन लड़कियों को कोलकाता के रास्ते सोनई नदी पार करके भारत ले आए और यहां से उन्हें मुंबई और हैदराबाद पहुंचाया गया। इन लड़कियों को आकर्षक वेतन पर अच्छी नौकरी और बेहतर जीवन देने का सब्जबाग दिखाकर बहलाया-फुसलाया गया था। इसके बाद इनके नकली भारतीय पहचान पत्र आदि दस्तावेज तैयार कर इन्हें दिए गए और अंतत: वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर किया जाता रहा। एनआईए के अनुसार 80 के दशक से चल इस सेक्स रैकेट में बांग्लादेशी दम्पति युसूफ खान और बीथि बेगम सभी आरोपितों की मदद करते थे। इनका कारोबार मुंबई तक फैला हुआ था। बताया तो यह भी जा रहा है कि बीते दशक में 12 से 30 आयु वर्ष की 500 हजार बांग्लादेशी महिलाओं को गैर कानूनी तरीके से भारत लाया गया है। मानव तस्करी का यह बहुत बड़ा खुलासा है। वहीं एनआईए ने जिन युवतियों को बचाया है, उन्हें अदालत के आदेश पर वर्तमान में हैदराबाद के आश्रय गृहों में रखा गया हैं और गिरफ्तार सभी आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं। मामले की जांच जारी है। हिन्दुस्थान समाचार/जितेन्द्र बच्चन-hindusthansamachar.in