जुमा की नमाज घर पर ही अदा करने का एलान झारखंड में मुस्लिम तन्ज़ीमो ने लिया फ़ैसला Hindi Latest News 

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जुमा की नमाज घर पर ही अदा करने का एलान,  झारखंड में मुस्लिम तन्ज़ीमो ने लिया फ़ैसला

जुमा की नमाज घर पर ही अदा करने का एलान, झारखंड में मुस्लिम तन्ज़ीमो ने लिया फ़ैसला

जुमा की नमाज घर पर ही अदा करने का एलान, झारखंड में मुस्लिम तन्ज़ीमो ने लिया फ़ैसला रांची, 26 मार्च (हि.स.)। कोरोना वायरस के मद्देनज़र लॉक डाउन के नियम का पालन करते हुए मुस्लिम तन्ज़ीमों ने सामूहिक निर्णय लेते हुए झारखण्ड के तमाम मुसलमानों को कल जुमा की नमज़ घर पर पढ़ने की अपील की है। इमरात ए शरिया,झारखण्ड, एदार

ए शरिया झारखंड के क़ाज़ीयान ए शरीयत, मुफ्तीयान ए कराम, मस्जिदों के इमाम, और जिम्मेदारों की एक महत्वपूर्ण कांफ्रेंसिंग बैठक चीफ़ क़ाज़ी ए शरीयत मुफ़्ती आबिद हुसैन मिस्बाही की अध्यक्षता में हुई। जिसमें एदार ए शरिया झारखंड के नाज़िमे आला हजरत मौलाना कुतुबुद्दीन रिज़वी ने कोरोना वायरस और लॉक डॉउन पर प्रकाश डाला। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया की लॉक डाउन के मद्देनज़र झारखंड के किसी भी मस्जिदों में कल जुमा की नमाज़ जमात यानी एक साथ नहीं अदा की जयेगी बल्कि सभी मुसलमान अपने- अपने घरों में नमाज़ अदा करेंगे। इसके साथ ही बैठक में कोरोना वायरस और लॉकडॉउन को देखते हुए सभी तन्ज़ीमों ने पूरे राज्य में कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में सरकार और प्रशासन को पूरी मद्द देने और लॉक डाउन के दौरान सभी तरह के नियमों का पुर्णता पालन करने का आदेश जारी किया है। बैठक में लिए गए निर्णयों के मुताबिक कोरोना वायरस को खत्म करने के लिए, लॉक डॉउन रहने तक जुमा नमाज़ के बदले सभी मुसलमान अपने -अपने घरों में ही जुमा की जमात का समय खत्म होते ही जोहर की नमाज घर पर ही अदा करें। मस्जिद के इमाम,नाएब इमाम, मोआज्जिन,नाएब मोअज्जिन, खतीब और जो लोग मस्जिद परिसर में रहते हैं सिर्फ वही जुमा की नमाज जमात के साथ पढें और नमाज के बाद मस्जिद के दरवाजे बंद कर दें। पंच वक्ता नमाजों का भी यही आदेश है। लॉकडॉउन के नियमावली का पालन करें। ऐसी विकट स्थिति में शरीयते पाक में रुखसत पर अमल करने की इजाजत है। हुक्म के अनुसार सभी एहतियाती कदम उठाएे जायें। क्योंकि राज्य सरकार की और से भीड़ कम करने का आदेश है। खिलाफ वर्जी करने की सूरत में कानूनी तौर पर पकड़ में आना संभव है। इसलिए ऐसी स्थिति में जोश और जुनून में आकर कोई भी काम गैरकानूनी ना करें। ऐसे हालात में आमतौर पर जमात छोड़ने की इजाजत है, यह जुर्म नहीं है। दारुल कजा के हुक्म के मुताबिक कोरोना वायरस को भगाने के लिए मस्जिदों और अपने -अपने घरों पर बगैर माइक के अकेले-अकेले में कोरोना वायरस खत्म होने तक प्रतिदिन सात, सात7-7 मर्तबा आजान दें । इससे अल्लाह ताला इस मुल्क से कोरोना वायरस जैसी बला को खत्म कर देगा। हिन्दुस्थान समाचार/सबा एकबाल
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