कोरोना की रोकथाम के लिए रखा 40 हजार जांचें प्रतिदिन करने का लक्ष्य -चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री
कोरोना की रोकथाम के लिए रखा 40 हजार जांचें प्रतिदिन करने का लक्ष्य -चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री
news

कोरोना की रोकथाम के लिए रखा 40 हजार जांचें प्रतिदिन करने का लक्ष्य -चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

news

जयपुर, 09 जून(हि.स.)। चिकित्सा मंत्री डा. रघु शर्मा ने बताया कि कोरोना की रोकथाम के लिए सरकार का पूरा ध्यान टेस्टिंग पर है। विभाग ने पहले 25 हजार टेस्ट प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा था एवं उसे अर्जित किया जा चुका है । अब अगला लक्ष्य 40 हजार जांचें प्रतिदिन करने का रखा गया है। डा. शर्मा ने मंगजवार को बताया कि ज्यादा से ज्यादा जांचें करके ही हम कोरोना को चिन्हित कर उसे हरा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश में अब तक 40 लाख टेस्ट हुए हैं, जिसमें से राजस्थान में अब तक 5 लाख 18 हजार 350 टेस्ट अब तक किए जा चुके हैं। हमारी टेस्टिंग क्षमता शून्य से 25150 तक जा पहुंची है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कोबास-8800 मशीनों के आने के बाद हमारी जांच की क्षमता लगभग 40 हजार जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आईसीएमआर ने सिरोही जिले में जांच सुविधा देने की अनुमति दे दी है। इससे अब प्रदेश के 16 जिलों में जांच की सुविधा विकसित हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में प्रदेश के सभी जिलों में जांच सुविधाएं उपलब्ध होने लगेंगी। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण से 100 से 75 दुरुस्त होना विभाग के लिए राहत की बात है। रिकवरी का रेशो देश के अन्य राज्यों के मुकाबले कहीं ज्यादा बेहतर है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा जारी 10 राज्यों के तुलनात्मक अध्ययन के हर पैमाने पर राजस्थान अव्वल रहा है। भले ही बात मृत्युदर की हो या रिकवरी रेशो या फिर एक्टिव केसेज पर नियंत्रण करने की, राज्य सरकार हर मामले में अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग की जाएगी। ऐसे में पाॅजिटिव केसेज की क्षमता बढ़ सकती है लेकिन हम उन्हें समय रहते आइसोलेट, एकांतवास (क्वारंटाइन) कर उपचार करेंगे तो उनके दुरुस्त होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाएगी। डाॅ. शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के प्रति जागरुकता लाने के लिए 21 से 30 जून तक प्रदेश भर में जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना से लडाई लंबी चल सकती है ऐसे में व्यापक तौर पर लोगों में जागरुकता लाकर ही उन्हें संक्रमण से मुक्त कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना सबसे ज्यादा प्रभाव कमजोर इम्यूनिटी वालों पर पड़ता है। ऐसे में 10 वर्ष से कम और 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को थोड़ी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। साथ ही गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोग भी पूरी तरह सजग रहें। उन्होंने कहा कि युवा और बेहतर इम्यूनिटी वाले लोगों के रिकवर होने की संभावना ज्यादा होती हैं। हिन्दुस्थान समाचार/संदीप/ ईश्वर-hindusthansamachar.in