25 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त में फाइबर के मंदिर में विराजमान होंगे 'रामलला'
25 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त में फाइबर के मंदिर में विराजमान होंगे 'रामलला'
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25 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त में फाइबर के मंदिर में विराजमान होंगे 'रामलला'

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25 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त में फाइबर के मंदिर में विराजमान होंगे 'रामलला' रामलला प्रथम चरण की पूजा वैदिक कीर्तिमान की देखरेख में प्रारंभ अयोध्या, 23 मार्च (हि. स.)। श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर निर्माण के प्रथम चरण का श्रीगणेश सोमवार को रामजन्म भूमि परिसर में हुआ। रामलला को नवीन सिंहासन पर प्रतिष्ठित कर अस्थायी मंदिर में प्रतिस्थापित करने की प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, यानी भारतीय नववर्ष अर्थात 25 मार्च को ब्रम्ह मुहूर्त में राम लला अपने भाईयों के साथ नए आस्थायी चबूतरे पर विधिविधान से विराज होंगे। इस दिन रामलला को नए आधुनिक फाइबर मंदिर में शिफ्ट होने के बाद श्रद्धालुओं को रामलला का बिना किसी खास परेशानी के नजदीक से दर्शन सुलभ होने लगेगा। गौरतलब है कि कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण राम जन्मभूमि में हो रही पूजा पाठ को आम जनता से दूर रखा गया है। प्रथम चरण की सोमवार की पूजा प्रातः काल से प्रारम्भ हो गई है। जिसमें परिसर के रिसीवर ट्रस्टी अयोध्या राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, डाक्टर अनिल मिश्रा यजमान बने है। इस पूजा में मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ को भी शामिल होना था। जो अब नहीं शामिल होंगे। नवीन सिंहासन पर प्रतिष्ठित कर अस्थायी मंदिर में प्रतिस्थापित करने की प्रक्रिया अनुष्ठान में अयोध्या विधायक वेदप्रकाश गुप्त और जिलाधिकारी अनुज झा अयोध्या उपस्थित रहे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव विहिप नेता चंपत राय ने जारी प्रेस वक्तव्य में कहा कि विकमी संवत 2076 को प्रातः सात बजे से श्री राम जन्मभूमि मंदिर निमार्ण के पहले चरण का प्रारम्भ हो गया है। भगवान गर्भ ग्रह में जहा विराजमान है। उनको नए आसन में विराजमान करना हैं। तभी जन्म भूमि पर मन्दिर के निर्माण का प्रारंभ होना संभव है। बताया कि नया आसन बन गया है। नए आसन पर पूर्ण विधिविधान के साथ पूजा पाठ आज से प्रारम्भ हो गया। इस पूजा पाठ में राज सदन के विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र और ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्रा यजमान बने है। पूजा पाठ की देखभाल और संरक्षण विश्व हिंदू परिषद के दो पदाधिकारी आंध्र निवासी कोटेश्वर शर्मा एवं हमीरपुर निवासी अशोक तिवारी कर रहे हैं। पूजा पाठ का नेतृत्व दिल्ली के वैदिक पंडित कीर्तिकान्त शर्मा कर रहे है। दिल्ली,मथुरा,काशी,प्रयाग और अयोध्या के पंडित इस पूजा पाठ को सम्पन्न कर रहे है। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा और अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता वहां साक्षी के रूप में मौजूद है। ये पूजा पाठ आज और मंगलवार को पूरे दिन चलेगा। इस पूजा पाठ के पूर्णाहुति के पश्चात 25 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त में भगवान नए आशन में पधारेंगे। वर्तमान महामारी के कारण इस अवसर पर पत्रकारों को, अयोध्या की जनता या अन्य किसी को आमन्त्रित करना व्यवहार की दृष्टि से ठीक नहीं लगा। संकट हो सकता था इसलिए किसी को निमंत्रित नहीं किया गया है। प्रेस के माध्यम से वक्तव जारी कर इस तथ्य को आम जनता को आवगत करा रहा हूं। हिन्दुस्थान समाचार/ पवन/राजेश-hindusthansamachar.in