पति का नामांकन रद्द करवाने हाईकोर्ट पहुंची तृणमूल उम्मीदवार की पत्नी

पति का नामांकन रद्द करवाने हाईकोर्ट पहुंची तृणमूल उम्मीदवार की पत्नी
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कोलकाता, 26 मार्च (हि.स.)। इसबार पश्चिम बंगाल चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवारों को विपक्षी पार्टियों से तो कड़ी चुनौतियां मिल ही रही है, कहीं-कहीं तो हालत यह है कि घर के अंदर से भी मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। पूर्व मेदिनीपुर के खेजूरी विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पार्थ प्रतिम दास का नामांकन रद्द कराने के लिए उनकी पत्नी लिपिका दास ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। उन्होंने दावा किया है कि उनके पति ने चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई हैं। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पार्थ प्रतीम दास के नामांकन को रद करने की मांग करते हुए उनकी पत्नी लिपिका दास ने हाईकोर्ट से जल्द फैसला सुनाने की अपील की है। याचिकाकर्ता लिपिका दास की वकील मधु जाना का कहना है कि खेजुरी विधानसभा सीट से नामांकन दाखिल करते समय कई तथ्यों को छिपाया गया है। उनका आरोप है कि पार्थ प्रतीम दास और उनके मुवक्किल लिपिका दास के बीच तलाक का मामला चल रहा है। दोनों लंबे अरसे से एक-दूसरे से अलग रहते हैं। उनका एक पुत्र भी है और इसी बीच पार्थ प्रतीम दास ने दूसरी शादी भी कर ली है। इसकी जानकारी पार्थ प्रतीम दास ने अपने नामांकन पत्र में नहीं दी है। लिपिका दास के मुताबिक पार्थ प्रतीम दास ने आश्रितों के बारे में भी कुछ नहीं बताया है। सिर्फ यही नहीं, लिपिका दास ने पार्थ प्रतीम दास पर संपत्ति छिपाने का भी आरोप लगाया है। पार्थ प्रतीम के पास एक बाइक है, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में नहीं दी है। लिपिका दास की वकील मधु जाना ने बताया कि इसे लेकर उन्होंने 20 मार्च को चुनाव आयोग के समक्ष भी शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन, आयोग ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने पार्थ प्रतीम दास का नामांकन रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हिन्दुस्थान समाचार / ओम प्रकाश