कोरोना मरीज के अंग दान से संक्रमण फैलने का खतरा नहीं

कोरोना मरीज के अंग दान से संक्रमण फैलने का खतरा नहीं
there-is-no-risk-of-infection-due-to-corona-patient-organ-donation

कोलकाता, 22 मई (हि.स.)। कोरोना मरीज के देह दान से संक्रमण फैलने का खतरा नहीं रहता है, क्योंकि मरीज के प्रमुख अंगों से निकाले गए अंश को फॉर्मलीन में डुबोकर रखा जाता है जिससे कोरोना वायरस के जीवित रहने की संभावना नहीं रहती है। यह जानकारी विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दी है। डॉक्टर तीस्ता बसु ने बताया कि अंगदान के दौरान शरीर के प्रमुख अंगों के बहुत मामूली अंश काटकर लिए जाते हैं तथा बाकी शरीर को दाह कर दिया जाता है। अंगों से निकाले गए अंश को सावधानी पूर्वक फॉर्मलीन में डुबोया जाता है। इससे वायरस मर जाता है। डॉ. बसु ने बताया कि मानव शरीर के प्रमुख अंगों से लिए गए अंश से शोध की जरूरत के मुताबिक ब्लॉक बनाए जाते हैं तथा उसे मोम के ढांचे में रखा जाता है। जिसे काफी समय तक रखा जा सकता है। बाकी अंश को तीन महीने के भीतर नष्ट कर दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के प्रभावी इलाज के लिए मेडिकल रिसर्च हेतु कोलकाता की रहने वाली 93 साल की श्रमिक नेता ज्योत्सना बसु ने कोरोना वायरस के प्रभाव का पता लगाने के लिए अपना शरीर दान दिया है। कोविड रिसर्च के लिए अपना शरीर दान करने वाली ज्योत्सना बसु पहली महिला हैं। उन्हें कोलकाता के बेलियाघाट इलाके में स्थित एक अस्पताल में 14 मई को इलाज के लिए भर्ती कराया गया था, जहां दो दिन बाद उनका निधन हो गया। गत सोमवार को उनकी ऑटोप्सी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की गई। बंगाल में अभी तक तीन कोरोना मरीजों ने शोध के लिए अपना शरीर दान दिया है। हिन्दुस्थान समाचार / ओम प्रकाश/मधुप

अन्य खबरें

No stories found.