माध्यमिक परीक्षा रद्द होने के बाद छात्र ने की आत्महत्या

माध्यमिक परीक्षा रद्द होने के बाद छात्र ने की आत्महत्या
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कूचबिहार, 08 जून (हि. स.)। मौजूदा कोरोना कि स्थिति में हर कोई सोच रहा था कि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूल की परीक्षा कैसे संभव है। अंतत: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को उस विचार पर विराम लगा दिया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस साल माध्यमिक और उच्च माध्यमिक परीक्षाएं नहीं होंगी। लेकिन दूसरी ओर मुख्यमंत्री के इस फैसले को जानकर एक माध्यमिक छात्रा ने अवसादग्रस्त होकर आत्महत्या कर ली। घटना सोमवार देर रात की है। मृतक की पहचान कूचबिहार के दिनहाटा के अटीयाबाड़ी अंबाली बाजार निवासी 16 वर्षीय बरनाली बर्मन के रूप में हुई है। दिनहाटा थाने की पुलिस ने मंगलवार को घटना की जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को नवान्न में पत्रकार सम्मेलन में कहा कि इस साल कोरोना में माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक परीक्षाएं नहीं हो रही हैं। यह निर्णय जनमत के महत्व पर आधारित है। लेकिन दूसरी ओर बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद से बर्णाली बर्मन अवसादग्रस्त हो गयी थी। परिवार के लोगों के अनुसार माध्यमिक परीक्षा नहीं होने की घोषणा के बाद से वह काफी चुप रहने लगी थी। किसी से बात भी नहीं करती थी। उसके बाद काफी रात जाने के बाद भी वह खाना खाने नहीं आई। जिसके बाद परिवार को संदेह हुआ। सोमवार देर रात जब उक्त किशोरी के कमरे का दरवाजा खटखटाया तो दरवाजा नहीं खुला तब परिजनों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो देखा कि उसका शव फंदे से लटका हुआ है। घटना की सूचना दिनहाटा थाने को दी गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने किशोरी के शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार किशोरी के शव से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें लिखा है कि आपके सारे काम की जिम्मेदारी नहीं ले पाई पापा। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर घटना के जांच में जुट गई है। हिन्दुस्थान समाचार/सुगंधी/गंगा