मुसलमान तृणमूल के लिए ट्रम्प कार्ड हुआ साबित: असीम घोष

मुसलमान तृणमूल के लिए ट्रम्प कार्ड हुआ साबित: असीम घोष
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कोलकाता, 02 मई (हि.स.)। हम पश्चिम बंगाल के लोगों को भाजपा की विचारधारा में लाने में विफल रहे हैं। चुनाव के परिणाम से यह साबित किया है कि तुष्टीकरण के आधार पर तृणमूल कांग्रेस को सफलता मिली है। यह विचार भाजपा नेता असीम घोष ने व्यक्त किए हैं। घोष चुनाव के परिणाम आने के बीच हिन्दुस्थान समाचार से अपनी चिंता व्यक्त कर रहे थे। रविवार को घोष ने बताया कि काम करने पर गलतियां होती हैं। हमसे भी हुई हैं। इन सभी पर अंतदर्शन के दौरान चर्चा की जाएगी। हमें उससे सीख लेकर आगे बढ़ना होगा। असीम घोष को लगता है कि पश्चिम बंगाल में इस चुनाव के परिणाम में मुसलमान तृणमूल के लिए ट्रम्प कार्ड साबित हुए। उन्होंने कहा, "देखिए, मुर्शिदाबाद में कांग्रेस अपनी पकड़ नहीं बना सकी। पीढ़ियों से उस विशाल क्षेत्र के मतदाताओं ने कांग्रेस पर भरोसा किया है। इस बार अल्पसंख्यक कांग्रेस, वाम,आईएसएफ किसी पर भरोसा न करके तृणमूल कांग्रेस को बढ़-चढ़ कर अपना वोट डाला है। घोष ने कहा कि असम के परिणाम देखिए। वहां के अल्पसंख्यकों ने खुद को बचाने के लिए कांग्रेस को चुना है। लेकिन उस राज्य के आम लोगों ने भाजपा का समर्थन किया है। इसके विपरीत हमें इस राज्य में हिंदुओं के एक बड़े वर्ग के वोट नहीं मिले। हम पश्चिम बंगाल के लोगों को भाजपा की विचारधारा में लाने में विफल रहे हैं। घोष ने बताया कि वाम और तृणमूल सरकारें इस राज्य को विकसित करने में विफल रही हैं। ममता बनर्जी ने जिस तरह से संवैधानिक मानदंडों की अनदेखी करके लोगों को नाराज किया है, ज्योति बसु और बुद्धदेव ने ऐसा नहीं किया था। उनकी समस्याओं के बावजूद, वे बेशर्म चापलूसी के रास्ते पर नहीं चले। उन्होंने कहा कि वास्तव में, श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ के गठन के दौरान हिंदू और मुस्लिम दोनों का स्वागत किया था। हमें उन मुसलमानों से कोई आपत्ति नहीं है जो विभाजन के समय भारत में थे। मुझे उम्मीद थी कि पश्चिम बंगाल में भाजपा इस चुनाव में विजयी होगी। मैं परिणामों से बहुत निराश हूं।" उल्लेखनीय है कि असीम घोष वर्ष1999 से 2002 तक प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रहे और अभी भी सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री मोदी और हावड़ा के उम्मीदवारों के साथ उन्होंने कई स्थानों पर चुनाव प्रचार भी किया था। असीम ने यूजीसी शिक्षक फैलोशिप में मुसलमानों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति विषय पर शोध भी किया है। वर्तमान में वह पार्टी के राज्य अध्यक्ष के सलाहकार की भूमिका निभा रहे हैं। वे एक कामकाजी समूह भी संचालित करते हैं, जिसमें सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस, सीए, वकील, शिक्षाविद शामिल हैं। उनकी ओर से ये पार्टी को परामर्श देते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/सुगंधी