Dilip Ghosh condemns Amartya's statement about love jihad
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पश्चिम-बंगाल

लव जिहाद को लेकर अमर्त्य के बयान की दिलीप घोष ने की निंदा

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कोलकाता, 29 दिसंबर (हि.स.)। भाजपा शासित राज्यों में बनाए जा रहे लव जिहाद कानून के खिलाफ नोबेल विजेता अमर्त्य सेन की टिप्पणी पर राजनीति गरमा गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि जिस व्यक्ति ने तीन अलग-अलग धर्मों में शादियां की है वह नैतिकता की बात करे, यह शोभा नहीं देता। इस मामले में टिप्पणी करने का अधिकार अमर्त्य सेन को नहीं है। घोष ने मंगलवार की सुबह इको पार्क में मार्निंग वाक के दौरान संवाददाताओं के सवाल के जवाब में कहा, मैं उनकी निजी जिंदगी पर कमेंट नहीं करना चाहता। उन्होंने तीन शादियां अलग-अलग धर्मों में की। ऐसे में वो इसपर टिप्पणी ना करें। जब बंगाल में कई संकट आए, तो वो देश छोड़कर भाग गए थे।" अमर्त्य सेन से जुड़े जमीन विवाद पर दिलीप घोष ने कहा कि दोनों पक्ष एक दूसरे की मदद करने में जुटे हैं। बता दें कि प्रोफेसर अमर्त्य सेन ने कहा था, 'लव' में कोई 'जिहाद' नहीं है। यदि आप किसी अलग धर्म के व्यक्ति से प्रेम विवाह करते हैं, तो इसमें कोई 'जिहाद' नहीं हो सकता है। ऐसे धर्म को छोड़ने और दूसरे धर्म को अपनाने में कोई समस्या नहीं है। दिलीप घोष ने बंगाल सरकार द्वारा विश्वभारती विश्वविद्यालय के रास्ते के अधिग्रहण पर कहा, ममता बनर्जी बंगाल को अपनी संपत्ति समझती हैं। यही कारण है कि वो अपनी मर्जी के अनुसार ज़मीन बांट रही हैं।, विश्वाभारती विश्वविद्यालय में भी वो माफिया राज नहीं रोक पा रही हैं। शैक्षणिक संस्थानों को राजनीति से अलग होकर देखना चाहिए। - आइपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर के मसले पर दिलीप घोष ने कहा, ये राज्य और केंद्र के बीच का मसला है। अगर किसी अधिकारी को केंद्र ने बुलाया है, तो उन्हें आज या कल में जाना ही होगा। अगर राज्य सरकार को लगता है कि वो उन्हें बचा लेंगे, तो गलत है। जो अधिकारी राजनीतिक रूप से प्रेरित होकर कार्रवाई कर रहे हैं उन्हें सजा तो मिलनी तय है। हिन्दुस्थान समाचार / ओम प्रकाश/मधुप-hindusthansamachar.in