Colleges worried about three semester examinations to be held in March
Colleges worried about three semester examinations to be held in March
पश्चिम-बंगाल

मार्च में होने वाले तीन सेमेस्टर की परीक्षाओं को लेकर चिंतित कॉलेज

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कोलकाता, 09 जनवरी (हि. स.)। जिस प्रकार कलकत्ता विश्वविद्यालय के स्नातक स्तर के अंतिम वर्ष व सेमेस्टर, अंतरिम सेमेस्टर और बैकलॉग की परीक्षा लेने की जिम्मेदारी अधिनस्थ कॉलेज को सौंपी है। ठीक उसी प्रकार मार्च माह में ली जाने वाली तीन सेमेस्टरों की परीक्षा की जिम्मेदारी भी कॉलेजों को ही दी जा सकती है। इसकी वजह से होने वाली परेशानियों को देखते हुए सीयू के अधिनस्थ कॉलेजों के प्राचार्य अभी इसी चिंता में हैं। कोरोना काल में ऑनलाइन पद्धति से परीक्षा लेने से लेकर उत्तरपुस्तिकाओं की जांच, सभी जिम्मेदारियां कॉलेजों पर ही सीयू प्रशासन ने छोड़ा था। उन सभी जिम्मेदारियों को पूरा करने में कॉलेजों को काफी परेशानी भी हुई थी। पहले अंतिम वर्ष व सेमेस्टर की परीक्षा कॉलेजों ने ली थी। उसके बाद अंतिम सेमेस्टर व बैकलॉग की सभी परीक्षाओं की जिम्मेदारी भी कॉलेजों पर ही आ गयी। इतने परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्र तैयार करने, परीक्षा लेने, उत्तरपुस्तिका की जांच और नंबर अपलोड करना समेत सभी कार्य कॉलेजों को ही करना पड़ा था। विश्वविद्यालय के पोर्टल पर नंबर अपलोड करने में कॉलेजों को काफी परेशानी भी हुई थी। आरोप लगाया गया था नंबर अपलोड करने वाला पोर्टल यूजर फ्रेंडली नहीं है। ऐसे में मार्च माह में लिये जाने वाले प्रथम, तृतीय व पांचवें सेमेस्टर की परीक्षाओं की जिम्मेदारी क्या कॉलेजों पर ही आएगी, इस बात की चिंता अब कॉलेजों को सता रही है। इस बारे में न्यू अलीपुर कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि उनके कॉलेज को अन्य विषयों के प्रश्न पत्रों के साथ-साथ वाणिज्य विभाग का भी 73 प्रकार का प्रश्नपत्र तैयार करना पड़ा था। महामारी के समय में जब कॉलेज में कर्मियों व अध्यापकों की संख्या काफी कम है, ऐसे में इतने काम के बोझ को संभालना काफी मुश्किल भरा काम है। परीक्षा कॉलेज व विश्वविद्यालय की संयुक्त जिम्मेदारी है, इस बात का ध्यान रखते हुए सीयू कोई निर्णय ले तो अच्छा रहेगा। वहीं चित्तरंजन कॉलेज का कहना है कि विश्वविद्यालय परीक्षाओं का आयोजन केन्द्रीय रूप से करें। ऑनर्स में विषयों में परीक्षार्थियों की संख्या कम होती है। इसलिए उस परीक्षा को ऑफलाइन भी लिया जा सकता है। इसके साथ ही ऑनर्स प्रैक्टीकल भी लिया जा सकता है। वहीं जोगेशचंद्र चौधरी कॉलेज ने स्वशासन की मांग करते हुए कहा कि अगर बाकी कॉलेज ऐसा करने में सक्षम होंगे तो उनका कॉलेज भी कर लेगा। हिन्दुस्थान समाचार/ओम प्रकाश/सुगंधी-hindusthansamachar.in