माकपा नेता अशोक भट्टाचार्य को लगभग 60 हजार वोटों से भाजपा के शंकर घोष ने दी मात

माकपा नेता अशोक भट्टाचार्य को लगभग 60 हजार वोटों से भाजपा के शंकर घोष ने दी मात
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सिलीगुड़ी, 02 मई (हि. स.)। माकपा के वरिष्ठ नेता व सिलीगुड़ी के विधायक अशोक भट्टाचार्य सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र से हार गए हैं। हाल ही में माकपा से भाजपा में शामिल हुए शंकर घोष ने अशोक भट्टाचार्य को लगभग 60 हजार मतों से हराया हैं। अशोक भट्टाचार्य तीसरे स्थान पर रहे जबकि दूसरे स्थान पर तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार ओम प्रकाश मिश्रा थे।शंकर घोष कभी अशोक भट्टाचार्य के शिष्य रह चुके है।शंकर घोष से हारने के बाद अशोक भट्टाचार्य ने कहा कि राजनीति में हार और जीत लगी रहती हैं। लेकिन हार की वजह क्या रही इस पर पार्टी के साथ वे मंथन करेंगे। माकपा के वरिष्ठ नेता अशोक भट्टाचार्य का राजनीतिक सफर काफी लंबा हैं। सिलीगुड़ी विधानसभा से 1991 साल जीत से शुरू हुई थी। जो लगातार चलता रहा। 1996 में वामफ्रंट के शासन काल में वे शहरी विकास और नगर मामलों के मंत्री बनाये गए थे। हालांकि 2011 में वामफ्रंट सरकार के 34 वर्षों का शासन का अंत हो गया। तृणमूल कांग्रेस ने 2011 में बंगाल विधानसभा में वामफ्रंट को मात दे दिया। तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में सरकार बनाई। जिसकी मुख्यमंत्री बनी ममता बनर्जी। हालांकि बंगाल में लाल के अंत के बाद हरा रंग आने के बाद भी सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र में अशोक भट्टाचार्य की पकड़ बनी रही। अशोक भट्टाचार्य ने 2011 में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार डॉक्टर रुद्रनाथ भट्टाचार्य को भारी बहुमत से हराया था। वहीं , 2016 में भी अशोक भट्टाचार्य का पकड़ सिलीगुड़ी में बनी रही। 2016 में उन्होंने अपने प्रतिद्व्न्दी तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान बाइचुंग भूटिया को हराया। वही, 2015 में अशोक भट्टाचार्य सिलीगुड़ी नगर निगम के मेयर भी बने थे। हिन्दुस्थान समाचार/सचिन/गंगा