ईमानदारी से लॉकडाउन का होता पालन तो बंगाल के हालात नहीं बिगड़ते : विजयवर्गीय

 ईमानदारी से लॉकडाउन का होता पालन तो बंगाल के हालात नहीं बिगड़ते : विजयवर्गीय
ईमानदारी से लॉकडाउन का होता पालन तो बंगाल के हालात नहीं बिगड़ते : विजयवर्गीय

कोलकाता, 25 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा कोरोना से मुकाबले के लिए किये गये संपूर्ण लॉकडाउन के दौरान पूरी तरह से बंगाल बंद रहने पर भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि यदि बंगाल में पहले लॉकडाउन का ईमानदारी से पालन होता, तो बंगाल की स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। उन्होंने कहा, "अब जब खेल बिगड़ गया है, तो राज्य सरकार लॉकडाउन कर लोगों को परेशान कर रही हैं। जब वास्तव में लॉकडाउन की आवश्यकता थी, उस समय दीदी को राजनीति करने की फुर्सत नहीं मिल रही थी। उस समय राजनीतिक तरीके से लॉकडाउन हुआ। तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता घूम रहे थे। अल्पसंख्यक लोग घूम रहे थे। यही कारण है कि कोरोना पश्चिम बंगाल में बढ़ा है।" उन्होंने कहा, "दीदी, हर क्षेत्र में राजनीति करना अच्छा नहीं है। जितने लोग मारे गये उसका जिम्मेदार कौन है? काश पहले ईमानदारी से लॉकडाउन का पालन किया होता, तो इतने लोगों की मौत नहीं होती।" तृणमूल कांग्रेस के संगठन में फेरबदल पर विजयवर्गीय ने कहा, "कोशिश की गयी, है कि भ्रष्ट चेहरे को हटा कर साफ-सुथरे चेहरों को सामने लाया जाये, लेकिन भुक्तभोगी जनता टीएमसी को थोड़े ही माफ करेगी। जिनको पैसा नहीं मिला, जिनको शासन की सहायता नहीं मिली, उसको क्यों माफ करेगी।" हिन्दुस्थान समाचार / ओम प्रकाश/सुगंधी/मधुप-hindusthansamachar.in

अन्य खबरें

No stories found.