कोरोना से मारे गए बेटे के शव के पास 21 घंटे तक बैठे रहे 80 साल के वृद्ध

कोरोना से मारे गए बेटे के शव के पास 21 घंटे तक बैठे रहे 80 साल के वृद्ध
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कोलकाता, 03 मई (हि. स.)। बार-बार निर्देशों के बावजूद कोलकाता शहर प्रशासन की अमानवीयता थमने का नाम नहीं ले रही है। बेहला के शाखेरबाजार वैशाली पार्क के पास एक 50 साल के व्यक्ति की मौत कोरोना महामारी की वजह से सोमवार शाम तीन बजे के करीब हो गई थी। उनके 80 साल के पिता शव के पास बैठे रहे और बाहर पड़ोसी तथा अन्य परिजन पुलिस से लेकर नगर निगम का चक्कर लगाते रहे लेकिन किसी ने एक न सुनी। 21 घंटे बाद मंगलवार दोपहर के समय नगर निगम की टीम पहुंची है और मारे गए शख्स के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया है। परिजनों ने बताया है कि गत बुधवार को प्रवीर चटर्जी नाम के इस व्यक्ति के शरीर में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी जिसके बाद वह घर पर ही आइसोलेशन में थे। साथ में उनके 80 साल के पिता भी रह रहे थे। घर पर ही प्रवीर की मौत सोमवार अपराह्न के समय हो गई। इसकी जानकारी वृद्ध ने अपने परिजनों को दी। इसके बाद पड़ोसियों को भी खबर मिली। आरोप है कि उसके बाद आसपास के लोगों ने थाने से संपर्क साधा लेकिन थाने से बताया गया कि नगर निगम के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क साधा जाए। बार-बार फोन करने के बावजूद किसी ने खोज खबर नहीं ली जिसके बाद एक बार फिर थाने से संपर्क साधा गया लेकिन कोई मदद नहीं हो सकी। रात भर वृद्ध बेटे के शव के पास बैठे रहे और सुबह के समय स्थानीय लोग एक होकर पार्षद के पास गए और इस पर तत्काल कदम उठाने की मांग की। आरोप है कि उसके बाद कोलकाता नगर निगम की टीम दोपहर 12 बजे के करीब पहुंची और शव को ले गई है। उल्लेखनीय है कि कोरोना संकट के समय ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं जिसमें लोगों के शव घंटों तक पड़े रहते हैं। हिन्दुस्थान समाचार /ओम प्रकाश/गंगा