22 सितंबर से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का तीन दिवसीय कोलकाता प्रवास
22 सितंबर से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का तीन दिवसीय कोलकाता प्रवास
पश्चिम-बंगाल

22 सितंबर से आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का तीन दिवसीय कोलकाता प्रवास

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कोलकाता, 10 सितंबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में 2021 विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत 22 सितंबर से कोलकाता में तीन दिवसीय प्रवास पर होंगे। इस दौरान वह राज्य में आरएसएस के राज्य प्रमुखों के साथ संगठनात्मक बैठक करेंगे। ् आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार भागवत 22 सितंबर को कोलकाता आयेंगे और 24 सितंबर तक कोलकाता में रहेंगे। यहां संघ के पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठक के बाद 25 सितंबर सुबह ओडिशा जायेंगे। कोलकाता में बैठकों के दौरान कोरोना के एहतियाती मानदंडों का कड़ाई से पालन किया जायेगा और कोरोना के बाद की स्थिति की समीक्षा की जायेगी। भागवत कोलकाता प्रवास के दौरान संघ के सहयोगी संगठन आरोग्य भारती, शिक्षा भारती, क्रीड़ा भारती, सक्षम (शारीरिक रूप से विकलांगों के लिए), सेवा भारती के प्रमुखों के साथ बातचीत करेंगे। ये संगठन बंगाल में अब तक की उपलब्धियों और उनकी समस्याओं से सरसंघचालक को अवगत करायेंगे और भविष्य की योजनाएं भी बनायेंगे। उल्लेखनीय है कि ब्लॉक स्तर पर संघ को मजबूत करने के उद्देश्य से अगस्त 2019 के बाद से भागवत की राज्य की चौथी यात्रा होगी। इससे पहले आरएस प्रमुख पिछले साल एक अगस्त, 31 अगस्त और 19 सितंबर को कोलकाता आये थे। पिछले प्रवास के दौरान भागवत ने बंगाल में स्वयंसेवकों को मुस्लिम समुदाय या अल्पसंख्यकों के साथ जुड़ने के लिए कहा था, जो राष्ट्रवाद में दृढ़ता से विश्वास करते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की थी कि आम लोगों से जुड़ें और समाज सेवा के कार्यों से उन्हें अवगत करायें। सरसंघचालक पश्चिम बंगाल के 341 ब्लॉकों में से प्रत्येक में कम से कम एक शाखा चाहते हैं। वर्तमान में बंगाल में लगभग 1,800 शाखाएं हैं, लेकिन ये शाखाएं सभी ब्लॉकों में समान रूप से नहीं हैं, वरन असमान रूप कुछ इलाकों में सीमित है। संघ की योजना सभी ब्लॉकों में शाखा लगाने की है तथा वर्ष 2021 तक इसे दुगना करने की योजना है। लगभग एक वर्ष तक कोलकाता में कोई बैठक नहीं हुई है। राममंदिर शिलान्यास के बाद वह पहली बार कोलकाता आ रहे हैं। प्रशासन के साथ सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का ध्यान रखा गया है। उनके जेड-प्लस सुरक्षा कवर के कारण पुलिस विभाग को पहले से सूचित किया गया है। पिछले तीन वर्षों में भाजपा ने भी हिंदुओं से जुड़े मुद्दे को उठाया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता के अनुसार 2021 के चुनाव के पूर्व भागवत की बंगाल यात्रा से आरएसएस के स्वयंसवेकों व भाजपा कार्यकर्ताओं के मनोबल बढ़ायेगा। आरएसएस प्रमुख ने 26 जून को अक्षय तृतीया के दिन आत्मनिर्भर भारत बनाने का आह्वान किया था। इसके तहत बंगाल में दो वर्षीय आत्मनिर्भर बांग्ला अभियान शुरू किया है, जिसके तहत ग्रामीणों व प्रवासी श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने में तकनीकी सहयोग देना है। इन लोगों को स्वयंसेवकों द्वारा खेती, मुर्गी पालन, यांत्रिक कार्य, ऑटोमोबाइल मरम्मत, नागरिक गतिविधियों, सिलाई, गाय-गोबर उत्पाद, बिंदी, चूड़ी, पत्ती प्लेट, पर्यावरण के अनुकूल बैग, अचार, घर का बना मिठाई, पापड़ आदि बनाने व विक्रय करने में प्रशिक्षण व सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त कोरोना महामारी के दौरान संघ द्वारा किये गये सेवा कार्यों का भी मूल्यांकन करेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/ओम प्रकाश/गंगा-hindusthansamachar.in