रवींद्र सरोवर पर छठ पूजा की नहीं मिली अनुमति, सुप्रीम कोर्ट जाएगी बंगाल सरकार
रवींद्र सरोवर पर छठ पूजा की नहीं मिली अनुमति, सुप्रीम कोर्ट जाएगी बंगाल सरकार
पश्चिम-बंगाल

रवींद्र सरोवर पर छठ पूजा की नहीं मिली अनुमति, सुप्रीम कोर्ट जाएगी बंगाल सरकार

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कोलकाता, 17 सितंबर (हि. स.)। राजधानी कोलकाता में एक बार फिर छठ पूजा करने वालों को मायूसी हाथ लगी है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कोलकाता के रवींद्र सरोवर में छठ पूजा करने की सशर्त अनुमति देने संबंधी बंगाल सरकार की अर्जी को गुरुवार को खारिज कर दिया। प्राधिकरण ने साफ कहा कि रवींद्र सरोवर में छठ पूजा की इजाजत नहीं दी जा सकती क्योंकि इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा। इधर, एनजीटी के इस फैसले के खिलाफ कोलकाता महानगर विकास प्राधिकरण (केएमडीए) ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। दरअसल, राज्य सरकार के अंतर्गत केएमडीए ने सरोवर में इस बार बगैर किसी बाधा के छठ पूजा संपन्न हो उसके लिए पहले ही एनजीटी से गुहार लगाई थी। केएमडीए ने यह भी आश्वासन दिया था कि छठ पूजा के दौरान सभी मानदंडों का पालन किया जाएगा, लेकिन एनजीटी ने उसकी अर्जी को ठुकरा दिया। हालांकि राज्य सरकार इस बार सरोवर में छठ पूजा को लेकर दृढ़ प्रतिज्ञ है। तृणमूल सरकार को लग रहा है कि यहां छठ पूजा नहीं होने से हिंदीभाषी नाराज हो जाएंगे। ऐसे में सरकार पूरी एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। उल्लेखनीय है कि रवींद्र सरोवर में 30,000 से ज्यादा लोगों की भीड़ छठ पूजा के दौरान उमड़ती है। गंगा घाट से दूर दक्षिण कोलकाता में यह एकमात्र विशाल सरोवर है जहां लोग छठ पूजा करते हैं। केएमडीए के एक अधिकारी ने बताया कि साल 2016 और 17 में एनजीटी ने सरोवर में छठ पूजा करने की अनुमति दी थी। उसके बाद से यहां छठ पूजा के लिए पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। पर्यावरणविद सुभाष दत्ता ने 2018 में याचिका दाखिल कर कहा था कि सरोवर में छठ पूजा के कारण प्रदूषण होता है और वहां के पक्षियों को नुकसान पहुंचता है इसलिए पूजा की इजाजत न दी जाए। इसके बाद एनजीटी ने 2018 से ही वहां छठ पूजा पर रोक लगा दी थी। बावजूद इसके पूजा करने वालों ने कभी भी न्यायालय के आदेश को नहीं माना और सारे प्रतिबंधों को धता बताते हुए लोग यहां धड़ल्ले से छठ पूजा करते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ओम प्रकाश/गंगा-hindusthansamachar.in