माकपा का आरोप, पुरोहितों को भत्ते के नाम पर तृणमूल नेताओं को दिए जा रहे पैसे
माकपा का आरोप, पुरोहितों को भत्ते के नाम पर तृणमूल नेताओं को दिए जा रहे पैसे
पश्चिम-बंगाल

माकपा का आरोप, पुरोहितों को भत्ते के नाम पर तृणमूल नेताओं को दिए जा रहे पैसे

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कोलकाता, 15 अक्टूबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में किसी भी तरह की वित्तीय सरकारी सहायता बिना भ्रष्टाचार की नहीं होती। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हर एक योजना किसी भी तरह से तृणमूल नेताओं की जेब भरने के लिए होती है। यह आरोप है माकपा के राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्रा का। उन्होंने दावा किया है कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने राज्य भर के पुरोहितों को वित्तीय मदद देने की जो घोषणा की थी उसकी जो सूची बनाई गयी है उसमें पुरोहितों को नहीं रख कर, केवल तृणमूल नेताओं को शामिल किया गया है। गुरुवार को इसे लेकर सूर्यकांत मिश्रा ने ट्विटर पर लिखा, "बंगाल में पुरोहित होने के लिए ब्राह्मण होने की जरूरत नहीं है, बल्कि अगर आप तृणमूल नेता हैं तो इतना ही काफी है। इसी तरह से जब बंगाल में चक्रवाती तूफान अम्फान आया था, तब भी पीड़ितों की सूची केवल तृणमूल नेताओं के नाम पर बनाई गयी थी। सरकार ने आश्वस्त किया था कि ऐसे नेताओं से धनराशि वसूल कर वास्तविक पीड़ितों को दी जाएगी लेकिन ऐसा नहीं किया गया। वर्षा खत्म हो गया और ठंड आ गयी। लुटेरों के पास से धनराशि वसूली की जिम्मेदारी हमारी है। जमीनी तौर पर हर जगह आंदोलन करना होगा।" उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की थी कि पश्चिम बंगाल में 8000 पुरोहितों को प्रति महीने 1000 रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी। इसकी वजह से आरोप लगे हैं कि विधानसभा चुनाव को देखते हुए हिंदू वोट बैंक को खुश करने हेतु ममता ने यह घोषणा की है। आरोप है कि राज्य भर में ऐसे पुरोहितों की जो सूची भेजी गयी है उसमें बड़ी संख्या में तृणमूल नेताओं का नाम शामिल किया गया है। ऐसे नेता हैं जो ब्राह्मण जाति के भी नहीं हैं। पता चला है कि नदिया जिले के तेहट में जो पुरोहितों की सूची बनाई गयी है उसमें तृणमूल नेता तथा जिला परिषद की सदस्य के पति नीलेश साहा का नाम भी शामिल है। इसके खिलाफ ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (बीडीओ) के पास शिकायत भी दर्ज कराई गयी है। हिन्दुस्थान समाचार / ओम प्रकाश/सुगंधी/मधुप-hindusthansamachar.in