पीसीओएस की वजह से महिलाओं में कोरोना का खतरा अधिक: डाॅ. सुजाता

 पीसीओएस की वजह से महिलाओं में कोरोना का खतरा अधिक: डाॅ. सुजाता
women-are-more-prone-to-corona-due-to-pcos-dr-sujata

देहरादून, 18 जून (हि.स.)। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डाॅ.सुजाता संजय ने किशोरियों एवं महिलाओं को पोलिसिस्टिक ओवरीयन सिंड्रोम (पीसीओएस) की बढ़ती हुई समस्याओं के बारे में जानकारियां दी। संजय ऑर्थोपेडिक,स्पाइन एवं मैटरनिटी सेन्टर की ओर से आयोजित वेबिनार में डाॅ.सुजाता संजय ने हिस्सा लिया। इस वेबिनार में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब से 170 से अधिक मेडिकल,नर्सिंग छात्रों व किशोरियों ने भाग लिया। डाॅ. सुजाता संजय ने कहा कि हार्मोनल असंतुलन पीसीओएस का एक मुख्य कारण है। लड़कियों में छोटी सी ही उम्र से पीसीओएस की समस्या देखने को मिल रही है। कई सालों पहले यह बीमारी केवल 30 के ऊपर की महिलाओं में ही आम होती थी। आज इसका उल्टा ही देखने को मिल रहा है। यह गड़बड़ी पिछले 10 से 15 सालों में दोगुनी हो गई । डाॅ.सुजाता संजय का मानना है कि पीसीओएस का सही वक्त पर इलाज शुरू न होने से मरीज का वजन तेजी से बढ़ने लगता है। लड़कियों को अपने खाने-पीने का विशेष ध्यान रखना चाहिए। चिकनाई रहित एवं जंक फूड का सेवन कम करना चाहिए। हरी सब्जियां और फल नियमित रूप से खाना चाहिए। पीसीओएस की बीमारी होने की संभावना है तो तुरंत किसी प्रशिक्षित स्त्री रोग विशेषज्ञा से संपर्क करना चाहिए। यह कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं को पीसीओएस की समस्या होती है उन्हें हृदय रोग, टाइप 2 डायबिटीज, नॉन अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर आदि होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में कोरोना संक्रमण होने का खतरा अधिक है। स्वस्थ भोजन और नियमित व्यायाम के जरिए भी इस समस्या से निजात पाया जा सकता है। हिन्दुस्थान समाचार/राजेश

अन्य खबरें

No stories found.