आज फिर संजीवनी बूटी की आवश्यकता: चिदानन्द

आज फिर संजीवनी बूटी की आवश्यकता: चिदानन्द
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ऋषिकेेश, 27 अप्रैल )हि.स.)। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर देशवासियों को शुभकामनायें देते हुये कहा कि आज हनुमान से ही प्रार्थना कि हे महाबली संकटमोचन हनुमान! हे प्रभु! कोरोना वायरस के प्रकोप से पीड़ित मानवता को बचाने के लिये आज फिर संजीवनी बूटी की आवश्यकता है। आप संजीवनी बूटी रूपी समाधान दीजिये पवनसुत हनुमान। हे प्रभो! मानव का अस्तित्व संकट में हैं, चारों ओर जो घट रहा है, जो दिख रहा है, ये हाहाकार, ये चीत्कार उसे देख व सुनकर मन स्तब्ध है, हृदय पीड़ित है। स्वामी जी ने प्रार्थना कि हे महाबली आप अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता हैं। श्री गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज लिखते है कि ‘अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस-बर दीन्ह जानकी माता।।’ शक्ति, शौर्य और विजयगाथा के प्रतीक हैं आप। भक्ति, भाव और समर्पण का अद्भुत समन्वय हैं, इस कोरोना संकट से मानवता की रक्षा कीजिये प्रभु। वर्तमान समय में चारों ओर बिखरते समाज, पीड़ित मानवता, पृथ्वी और पर्यावरण को आज हनुमान जी जैसे जागृत, ऊर्जावान और सेवाभावी नवयुवकों की जरूरत है जो संकटमोचन बन कर आयें और समाज सेवा के प्रति समर्पित हों और दूसरों के लिये भी आदर्श बनें। स्वामी चिदानन्द ने कहा कि कोरोना संकट में हमारे कोरोना वाॅरियर्स पीड़ित मानवता की सेवा में रातदिन लगे हुये हैं, कोरोना वाॅरियर्स ही संजीवनी बूटी प्रदान करने वाले हमारे प्यारे हनुमान जी के सेवक हैं, इन सब की सेवाभावना और निष्ठा को नमन। हिन्दुस्थान समाचार /विक्रम