लूट के मामले में तीसरी आंख ने दिया धोखा

लूट के मामले में तीसरी आंख ने दिया धोखा
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देहरादून, 14 अप्रैल (हि.स.)। एक ओर स्मार्ट सिटी बनाने की तैयारी चल रही है, दूसरी ओर अपराधों की बाढ़ में भी तीसरी आंख धोखा दे रही है। यह तीसरी आंख सड़कों पर लगे कैमरे हैं जो मौके पर बंद मिलते हैं। गत दिनों ओल्ड सर्वे रोड पर हुई मोबाइल लूट में महिला को अब तक राहत नहीं मिल पाई है। इसका कारण सीसीटी कैमरों का खराब होना है। कुछ वर्ष पूर्व पुलिस प्रशासन द्वारा राजधानी दून के हर चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे यह कहकर लगवाये गये थे कि इनके रहने से बढ़ते अपराधों की रोकथाम होगी और बदमाश जल्द गिरफ्त में आएंगे। कुछ दिन तो यह कैमरे सही काम करते रहे लेकिन बाद में बगैर देखभाल के उनकी स्थिति खराब होती गयी और आज हालात यह है कि पुलिस प्रशासन को अपराधों की जानकारी लेने के लिए निजी संस्थानों के सीसीटीवी कैमरों का सहारा लेना पड़ रहा है। ओल्ड सर्वे रोड पर बाइक सवार बदमाशों द्वारा एक महिला का फोन झपट लिया गया था। जिसकी शिकायत पुलिस को दी गयी तो पुलिस एक बार फिर निजी संस्थानों के कैमरे खंगालती नजर आयी। पता चला कि चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरे पहले से ही खराब है, जिसके कारण चोरों तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पा रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ साकेती