The sages took a dip at the confluence of Devprayag
The sages took a dip at the confluence of Devprayag
उत्तराखंड

देवप्रयाग के संगम पर साधु-संतों ने लगाई डुबकी

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देवप्रयाग पहुंचने पर ढोल दमाऊ के साथ संतों का जोरदार स्वागत ऋषिकेश ,14 जनवरी (हि.स.)। महाकुंभ 2021 के चलते मकर सक्रांति के पर्व पर पहली बार जम्मू के शंकराचार्य सहित तमाम षड्दर्शन साधु समाज व अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति के संतों ने छड़ी पूजन कर देवप्रयाग के संगम पर डुबकी लगाई। देवप्रयाग पहुंचने पर इन संतों का उत्तराखंड की पौराणिक वाद्य सेनाईयों के साथ स्थानीय जनता ने पुष्प वर्षा कर हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ स्वागत किया। उल्लेखनीय है कि मकर सक्रांति के पर्व पर कुंभ मेला प्रशासन द्वारा संतों के स्नान को लेकर दी गई अनुमति के बाद षड्दर्शन साधु समाज व अखिल भारतीय सनातन धर्म रक्षा समिति के आह्वान पर महानिर्वाणी आवाहन जूना, निरंजनी एवं षड्दर्शन साधु समाज के संतों ने देवप्रयाग के संगम पर डुबकी लगाई। मकर सक्रांति के पर्व को लेकर देवप्रयाग के पंडा समाज, चारधाम हक हकूक धारी, व्यापार सभा, श्री बद्रीश पंडा पंचायत, सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त स्थानीय नागरिकों द्वारा संत समाज का देवप्रयाग के संगम पर स्नान किए जाने को लेकर पिछले 1 महीने से तैयारियां की जा रही थी। इसे लेकर एकबार कुंभ मेला प्रशासन द्वारा भ्रम की स्थिति फैलाए जाने की चेष्टा भी की गई। परंतु संतों की मांग के आगे कुंभ मेला प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा और सभी व्यवस्था की गई। वहीं, जम्मू-कश्मीर से पहुंचे शारदा पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य शारदा पीठ के स्वामी अनंतानंद ने कहा कि देवप्रयाग संगम पर स्नान किए जाने का पुराणों में भी महात्म बताया गया है। जिनका कहना था कि देवप्रयाग का संगम को भागीरथी व अलकनंदा का मिलन होने के कारण गंगा का उद्गम स्थल भी कहा जाता है। जिसके कारण इसे गंगाद्वार के नाम से भी जाना जाता है। इसलिए यहां का स्नान मकर सक्रांति के दिन काफी महत्वपूर्ण है। वहीं इलाहाबाद से पहुंची जगतगुरु त्रिकाल भवनतिका ने कहा कि उत्तराखंड को देवभूमि के रूप में जाना जाता है। देवप्रयाग संगम को देवताओं के स्नान के लिए केदार खंड व स्कंद पुराण में तीर्थराज प्रयाग से सहस्त्र गुना अधिक स्नान का महत्व बताया गया है। षड दर्शन साधु समाज के अखिल भारतीय राष्ट्रीय अध्यक्ष मंहत गोपाल गिरी, उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष व भगवान गिरी आश्रम के महंत भूपेंद्र गिरी व प्रदेश महामंत्री कपिल मुनि, कोषाध्यक्ष इंदर गिरी के नेतृत्व में संतों ने गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य का लाभ कमाया। इस अवसर पर गौरी शंकर मंदिर के नागा बाबा भोलागिरी, नगर पंचायत देवप्रयाग केे अध्यक्ष सर्वज्ञ पीठ जम्मू-कश्मीर के पीठाधीश्वर शंकराचार्य अनंत श्री अमृतानंद, प्रयाग इलाहाबाद सर्वेश्वर महादेव परी संस्थान की अनंत विभूषित जगद्गुरुु त्रिकाल भवंतिका सरस्वती श्री महंत गोपाल गिरी महंत इंदर गिरी, महेंद्र थानापति रवि गिरी हरिद्वार, महेंद्र थानापति गीतानंद महाराज, झज्जर हरियाणा, आचार्य महामंडलेश्वर डॉक्टर शिवस्वरूप नंद सरस्वती जोधपुर, महंत भूपेंद्र गिरी भगवान गिरी आश्रम, महंत कमलेश्वर, आशुतोष पुरी, महंत कपिल मुनि कबीरचौरा आश्रम, राजेश गिरी, भोलागिरी गौरी शंकर मंदिर सहित काफी संख्या में संतों ने स्नाान किया। हिन्दुस्थान समाचार /विक्रम-hindusthansamachar.in