राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने शासकीय कार्यालय खोलने पर जताया रोष

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने शासकीय कार्यालय खोलने पर जताया रोष
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देहरादून, 29 अप्रैल (हि.स.)। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप के बावजूद शासकीय कार्यालय खोलने के आदेश पर रोष व्यक्त करते हुए सरकार से दस दिन तक कार्यालय बंद रखने की मांग की है। परिषद का कहना है कि एक ओर जिलों में संक्रमण प्रभाव को रोकने के लिए कर्फ्यू को लागू किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर शासकीय कार्यालय खोलने का आदेश समझ से इतर है। कोरोना काल में कर्मचारियों के कार्यालय में उपस्थिति पर विचार करना होगा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यकारी महामंत्री अरुण पांडे ने बताया कि गुरुवार को परिषद की हाई पावर कोर कमेटी की ऑनलाइन आपात बैठक में महामारी के बढ़ते प्रकोप पर राज्य कर्मियों के लिए सरकार व प्रशासन की ओर से लिए गए निर्णयों पर चर्चा की गई। इस दौरान शासकीय कार्यालय खोलने पर आश्चर्य जताते हुए रोष व्यक्त किया गया। साथ ही कहा गया कि राजधानी देहरादून सहित राज्य के विभिन्न जिलों में जिलाधिकारी की ओर से लगातार बंदी के आदेश जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में कार्यालय खोलना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि अभी राज्य में अस्पताल से लेकर अन्य कोविड उपचार की व्यवस्थाओं को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। जब सभी कार्यालय में कर्मचारी बैठने लगेंगे तो और स्थिति खराब हो सकती है। हालात यही रहे तो आने वाले समय में संक्रमण में इजाफा सरकार से लेकर आमजन को और बड़ी संकट में डाल सकता है। बैठक में कर्मचारियों ने बताया कि जनवरी से ही कार्मिकों एवं पेंशन धारकों से गोल्डन कार्ड की कटौती प्रारंभ कर दी गई है, लेकिन अभी तक उसका लाभ नहीं मिल रहा है। जिनकी सूची राज्य स्वास्थ्य अभिकरण द्वारा जारी की गई है वह अस्पताल भी इलाज करने से मना कर रहे हैं। इस दौरान मांग की गई कि गोल्डन कार्ड की व्यवस्था तत्काल सुधारी जाए अन्यथा अप्रैल के वेतन से गोल्डन कार्ड की कटौती बंद कर दी जाए। इसके साथ ही आवश्यक सेवा में लगे कार्मिकों को पचास लाख के बीमा कवर की मांग की गई। हिन्दुस्थान समाचार/राजेश