डीएम का स्थानान्तरण आम कार्यकर्ता की जीत: राजेश शुक्ला
डीएम का स्थानान्तरण आम कार्यकर्ता की जीत: राजेश शुक्ला
उत्तराखंड

डीएम का स्थानान्तरण आम कार्यकर्ता की जीत: राजेश शुक्ला

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- डीएम का स्थानान्तरण आम कार्यकर्ता की जीत: राजेश शुक्ला देहरादून, 31 जुलाई (हि.स.)। सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे। यह कहावत बहुत पुरानी है। इसी कहावत को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने चरितार्थ किया है। पिछले दिनों ऊधमसिंहनगर के जिलाधिकारी आईएएस नीरज खैरवाल और तेज तर्रार विधायक राजेश शुक्ला के बीच काफी गर्मा-गर्मी हुई थी, जिसके बाद विधायक शुक्ला ने विशेषाधिकार हनन का मामला विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक झटके में इस समस्या का समाधान कर दिया। आईएएस नीरज खैरवाल को जिलाधिकारी से स्थानान्तरित कर अपने साथ जोड़ लिया, इससे विधायक की भी मांग पूरी हो गई और आईएएस का अपमान भी नहीं हुआ। जन प्रतिनिधियों के सम्मान की इस परम्परा का राजनीतिक क्षेत्रों में स्वागत हो रहा है। भाजपा नेता आलोक कुमार मानते हैं कि मुख्यमंत्री ने इस कदम से जन प्रतिनिधियों का सम्मान बचाए रखा है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नसीहत दी थी कि वह जन प्रतिनिधियों का सम्मान करें। ठीक यही बात प्रदेश के नये मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने भी कही है। उन्होंने भी नौकरशाही से अपेक्षा की है कि वह जन प्रतिनिधियों का सम्मान करें, लेकिन मुख्यमंत्री ने जिस चातुर्य कौशल से यह रास्ता निकाला है, उसकी सराहना हो रही है। ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी रहे आईएएस डॉ. नीरज खैरवाल और किच्छा के विधायक राजेश शुक्ला के बीच आपस में नहीं बन रही थी। एक बैठक, जिसमें कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक विशेष रूप से पहुंचे थे, उसमें बात और बिगड़ गई। जिलाधिकारी की बात ने विधायक राजेश शुक्ला का पारा और चढ़ा दिया। मामला बढ़ गया कि विधायक ने डीएम के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल को भेज दिया। यही नहीं, विधायक की नाराजगी इतनी थी कि वे मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में इसलिए नहीं पहुंचे कि वहां भी जिलाधिकारी नीरज खैरवाल उपस्थित थे। विधायक राजेश शुक्ला ने स्पष्ट कर दिया था कि वह नीरज खैरवाल के जिलाधिकारी रहते हुए किसी बैठक में नहीं जाएंगे। इस संदर्भ में विधायक राजेश शुक्ला का कहना है कि मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को माना है और जिलाधिकारी को स्थानान्तरित कर दिया है, यह आम कार्यकर्ता की जीत है। हिन्दुस्थान समाचार/ साकेती-hindusthansamachar.in