Radio collars watch over adult tigress in Rajaji Tiger Reserve
Radio collars watch over adult tigress in Rajaji Tiger Reserve
उत्तराखंड

राजाजी टाइगर रिजर्व में वयस्क बाघिन पर रेडियो कॉलर से नजर

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हरिद्वार, 29 दिसम्बर (हि.स.)। राजाजी टाइगर रिजर्व के मोतीचूर रेंज में वयस्क बाघिन (साढ़े छह वर्षीय) पर रेडियो कॉलर से नजर रखी जा रही है। उसे गुरुवार सुबह भारतीय वन्य जीव संस्थान और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की निगरानी में कॉर्बेट नेशनल पार्क के रामनगर के जंगलों से यहां सफलतापूर्वक छोड़ा गया है। वन्यजीव वैज्ञानिकों की इस कोशिश की मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तारीफ कर चुके हैं। राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक डीके सिंह का कहना है कि अब तक मादा बाघ का व्यवहार सामान्य है। वह जंगल में घूमकर वातावरण से परिचित हो रही है। उम्मीद है जल्द ही शिकार करेगी। उन्होंने कहा, 'राजाजी टाइगर रिजर्व के पश्चिमी प्रभाग में बाघों की संख्या कम है। इसलिए यहां चार बाघ राजाजी कॉर्बेट नेशनल पार्क से लाकर छोड़े जाने हैं।' निदेशक डीके सिंह का कहना है कि अगर यह बाघिन एक -दो सप्ताह ठीक रहती है और शिकार करना शुरू कर देती है, तो माना जाएगा कि उसने यहां के वातावरण को अपना लिया। बाघिन के शरीर में रेडियो कॉलर लगाया गया है। उसकी हर लोकेशन पर नजर रखी जा रही है। राजाजी नेशनल पार्क एवं कॉर्बेट नेशनल पार्क के बीच समानता होने कारण इस मिशन के सफल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि राजाजी नेशनल पार्क के पूर्वी हिस्से में करीब 40 टाइगर हैं। इनमें केवल एक ही मादा बाघ थी। यहां विस्तृत भू-भाग में सघन वन क्षेत्र है। इस वन क्षेत्र 80 बाघ बिना किसी दिक्कत के रह सकते है। इसके मद्देनजर ईको सिस्टम को और अधिक मजबूत करने का प्रयास है। यहां बाघों के लिए प्रचुर मात्रा में शिकार उपलब्ध है। इसलिए बाघ संवर्धन और संरक्षण की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। भविष्य में यहां बाघों की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है। राजाजी टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए दुनिया में विख्यात है। यह देश का 48 वां टाइगर रिजर्व है। इसका कुल क्षेत्रफल 1075 वर्ग किलोमीटर है। मुख्यमंत्री यहां मादा बाघ को सफलता पूर्वक छोड़ने पर फेसबुक पोस्ट में टिप्पणी कर चुके हैं- 'मुझे यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि उत्तराखंड में बाघों के संरक्षण के लिए उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। अब राज्य में पहली बार किसी बाघ का एक रिजर्व से दूसरे रिजर्व में सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया गया है। उसकी निरंतर निगरानी की जा रही है।' हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत शुक्ल/मुकुंद-hindusthansamachar.in