कोरोना में माता-पिता को खोने वाले बच्चों का जल्द चिह्नीकरण करेंः मुख्यमंत्री

कोरोना में माता-पिता को खोने वाले बच्चों का जल्द चिह्नीकरण करेंः मुख्यमंत्री
quickly-identify-children-who-lost-parents-in-corona-chief-minister

देहरादून, 22 मई (हि.स.)। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शनिवार को अधिकारियों को ऐसे बच्चों के लिए विशेष योजना बनाने के निर्देश दिये जिनके माता-पिता या परिवार के मुखिया की मृत्यु कोरोना के कारण हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बच्चों की सहायता के उद्देश्य से जल्द से जल्द इनका चिह्नीकरण सुनिश्चित किया जाए। वह शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंसिग द्वारा प्रदेश में कोरोना की रोकथाम और बचाव कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर के लिए तैयारियों को शीघ्रता से धरातल पर लागू किया जाए। वर्तमान में कोरोना के मामलों में कमी देखने को मिल रही है, फिर भी हमें पूरी तरह से सावधान रहना है। किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। तीसरी लहर में बच्चों पर फोकस करना है। जिला व ब्लॉक स्तर तक इसकी मैपिंग हो। फील्ड में काम करने वालों को मालूम होना चाहिए कि किसी तरह की परिस्थिति में उन्हें क्या करना है। कोरोना की तीसरी लहर से पहले सारी तैयारियां पुख्ता कर ली जाएं। इसमें किसी तरह की कोई कमी न हो। जिलाधिकारी ग्रामवार इसकी पूरी प्लानिंग रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। कालाबाजारी को रोकने के लिए लगातार जरूरी कार्रवाई की जाएं। ई-संजीवनी का अच्छा रेस्पोंस मिल रहा है। इसे और अधिक सुदृढ़ और प्रचारित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल पर भी ध्यान दिये जाने की जरूरत है। नगर निकायों में शहरी विकास विभाग और ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग इसे सुनिश्चित कराएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना को लेकर अधिक ध्यान देना है। इसके लिए विकेंद्रीकृत योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। आशा, एएनएम की सही तरीके से ट्रेनिंग हो। पीएचसी व सीएचसी स्तर तक तैयारियां हों। हर ब्लाॅक में कंट्रोल रूम हो। ग्राम सभाओं का सहयोग लिया जाए। जहां तक सम्भव हो दूरस्थ क्षेत्रों के लिए मोबाइल टेस्टिंग वैन, मोबाइल लैब, सैम्पलिंग वैन की व्यवस्था हो। गांव-गांव, घर- घर तक जरूरी मेडिकल किट व दवाओं की उपलब्धता हो। गांवों में क्वारंटाइन सेंटर चिह्नित कर उन्हें जरूरी सुविधाओं से युक्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीनेशन में धन की कमी नहीं है। इसके लिए हर सम्भव प्रयास कर वैक्सीनैशन की प्रक्रिया में तेजी लानी है। प्रस्तावित और निर्माणाधीन ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट को जल्द पूरा किया जाए। आक्सीजन आपूर्ति में बहुत सुधार हुआ है। इसे आगे भी बनाये रखना है। हमारे सभी आईसीयू संचालित होने चाहिए। कोरोना से सम्बंधित सूचनाओं की रियल टाटाम डाटा एंट्री सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि डेंगू को लेकर भी तैयारियां की जाएं। इसके बचाव के संबंध में जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। यह देख लिया जाए कि हमारे कोरोना अस्पताल और कोरोना केयर सेंटर के आस-पास पानी एकत्र न हो। मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में टेस्टिंग को बढ़ाने की जरूरत है। कोरोना की तीसरी लहर की अभी से सारी तैयारी की जानी है। बाहर से आने वालों पर विशेष ध्यान दिया जाए। जनजागरूकता में ग्राम समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। आक्सीजन आपूर्ति की तैयारी मानसून को ध्यान में रखते हुए कर ली जाए। हिन्दुस्थान समाचार/दधिबल