ओलंपियन सुशील कुमार के हरिद्वार के आश्रम में छिपे होने की आशंका, दिल्ली पुलिस मार सकती है छापा

ओलंपियन सुशील कुमार के हरिद्वार के आश्रम में छिपे होने की आशंका, दिल्ली पुलिस मार सकती है छापा
olympian-sushil-kumar-feared-hiding-in-haridwar-ashram-delhi-police-may-raid

हरिद्वार, 13 मई (हि.स.)। हत्या के एक मामले में दिल्ली पुलिस अंतरराष्ट्रीय पहलवान ओलंपियन सुशील कुमार की तलाश कर रही है। इसी बीच मीडिया में जो लगातार खबरें सामने आ रही हैं, उससे अंदेशा जताया जा रहा है कि वह हरिद्वार में एक बड़े योगगुरु के पास शरण लिए हुए हैं। सुशील को दिल्ली पुलिस पहलवान सागर धनखड़ हत्याकांड मामले में तलाश कर रही है। कहा जा रहा है कि 4 मई की रात सुशील और उसके साथियों ने पहलवान सागर की हत्या कर दी थी और फरार हो गए। अब इस मामले में सुशील को शरण देने के आरोप में योगगुरु की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। घटना 4 मई की दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम की है। आरोप है कि सुशील ने अपने साथियों के साथ मिलकर पहलवान सागर सिंह धनकड़ की हत्या कर दी और साथियों सहित फरार हो गए। हत्या के बाद इस मामले में सुशील का नाम जब सामने आया तो पुलिस ने पहले तो मामले को दबाए रखा। पर मामला ज्यादा बढ़ने पर पुलिस ने सुशील की तलाश शुरू कर दी। सूत्रों की मानें तो सुशील के बाएं हाथ माने जाने वाले भूरा पर पुलिस ने शिकंजा कसा तो उसने पुलिस को सब बता दिया। उसी ने बताया कि घटना के बाद वह सुशील को योगगुरु के हरिद्वार आश्रम में छोड़कर आ गया था। उसने अपने बयान में पुलिस को बताया कि जब सुशील को अगले दिन सागर की सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर में मौत होने की खबर मिली तो सुशील वहां से भूरा के साथ हरिद्वार भाग आया और उसे वहां छोड़कर वापस आ गया था। पुलिस द्वारा भूरा से तीन दिन तक थाने में पूछताछ की गई थी। इससे पहले हत्या के अगले दिन सागर की मौत होने की खबर मिलने के बाद सुशील अपने साथी अजय के साथ समयपुर बदली आया। जहां उन्होंने भूरा को बुलाया और वहीं से वह भूरा के साथ हरिद्वार आश्रम आ गया। सुशील जब हरिद्वार पंहुचा तो उसने अपने सभी मोबाइल फोन बंद कर लिए थे। मगर कॉल ट्रेसिंग से भूरा से बातचीत होने का पता चलने के बाद पुलिस ने भूरा को पकड़ा। उससे पूछताछ में फिर यह जानकारी सामने आई। पुलिस ने भूरा के साथ दो अन्य साथियों को भी पकड़ा था और उनसे पूछताछ के बाद सभी को दो दिन बाद छोड़ दिया था। सागर के परिजनों ने भी सागर के शरीर पर मिले चोट के निशान देखने के बाद कहा था कि सागर की हत्या सुनियोजित तरीके से की गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक सागर की छाती को छोड़कर पूरे शरीर पर लाठी और लोहे की रॉड से मारने के घाव थे। पैर से लेकर सिर तक 50 से अधिक गहरे घाव के निशान थे। उसके सिर पर सबसे ज्यादा वार किया गया था। हालांकि, पुलिस पर शुरू से ही इस मामले में सुशील कुमार को बचाने के आरोप लगते रहे हैं लेकिन सागर के परिजनों का कहना है कि स्टेडियम के सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकार्ड है। कैमरे में सुशील कुमार सागर को मारते हुए दिख रहे हैं। कैमरे में सुशील के साथी बदमाश सागर के तीन साथियों भगत सिंह, अमित कुमार और सोनू की भी पिटाई करते दिख रहे हैं। पुलिस ने इन सबके बयान भी दर्ज कर लिए हैं। अब पुलिस की एक टीम जल्द ही हरिद्वार में सुशील के छिपने के ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी कर सकती है। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत

अन्य खबरें

No stories found.