उच्चशिक्षा मंत्री डा0 धनसिह रावत ने किया डिजिटल इंटरवेशन ऑफ ट्रान्सस्क्रिप्ट पीसीसी एवं एनओसी योजना का शुभारम्भ
उच्चशिक्षा मंत्री डा0 धनसिह रावत ने किया डिजिटल इंटरवेशन ऑफ ट्रान्सस्क्रिप्ट पीसीसी एवं एनओसी योजना का शुभारम्भ
उत्तराखंड

उच्चशिक्षा मंत्री डा0 धनसिह रावत ने किया डिजिटल इंटरवेशन ऑफ ट्रान्सस्क्रिप्ट पीसीसी एवं एनओसी योजना का शुभारम्भ

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हल्द्वानी : प्रदेश के उच्चशिक्षा मंत्री डा0 धनसिह रावत ने शुक्रवार की देर सायं सर्किट हाउस में मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से बनाई गई डिजिटल इंटरवेशन ऑफ ट्रान्सस्क्रिप्ट पीसीसी एवं एनओसी योजना का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 ओपीएस नेगी, कुलसचिव भरत सिह, उपाध्यक्ष उच्च शिक्षा उन्नयन (दर्जाधारी) डा0 बीएस बिष्ट भी मौजूद थे। मंत्री डा0 धनसिह रावत द्वारा उच्चशिक्षा निदेशालय के अधिकारियों के साथ समीक्षा की तथा निर्देश दिये कि कोविड 19 के चलते बच्चो की शिक्षा प्रभावित ना होने पाये। उन्होने कहा कि भरसक प्रयास होने चाहिए कि बच्चे घरों मे रहकर ऑनलाइन शिक्षा हासिल करें इसके लिए शिक्षकों को ऑफलाइन शिक्षण कार्य करना होगा। उन्होने कहा कोविड 19 के दृष्टिगत सभी महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें तथा दिव्यांग अध्यापक विद्यालयों मे ना आकर अपने घरों से ऑनलाइन शिक्षा का कार्य करें। उन्होने बताया कि 02 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों को इंटरनैट सेवा से जोड दिया जायेगा तथा सभी विद्यालयों मे 4जीबी स्पीड के वाईफाई की सुविधा भी उपलब्ध करा दी जायेगी। उन्होने कहा कि इस व्यवस्था के बाद उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य होगा जहां सभी विद्यालय इन्टरनैट से जुडे होंगे। उन्होेने कहा कि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों मे विभिन्न विषयों की 25 लाख की लागत की पुस्तकें उपलब्ध कराये जाने की कार्यवाही गतिमान है। उन्होने बताया कि 1973 के बाद उच्चशिक्षा का पृथक से एक्ट बनाया जा रहा है इस एक्ट के अधीन उच्चशिक्षा से सम्बन्धित सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय एक छतरी के नीचे आकर कार्य करेंगे। निदेशक उच्चशिक्षा श्रीमती कुमकुम रौतेला ने बताया कि प्रदेश के 70 महाविद्यालय अपने नये भवनों मे स्थानान्तरित हो चुके हैै। 23 महाविद्यालयों के भवनो का निर्माण गतिमान है। विद्यालयों मे विद्यार्थियों की संख्या को दृष्टिगत रखते हुये कम्प्यूटर, फर्नीचर आदि उपलब्ध कराने के लिए कार्य योजना बनाई जा रही है। उन्होने बताया कि महाविद्यालयों मे 215 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए अध्याचन भेजा जा चुका है। बैठक में उपनिदेशक डा0 राजीव रतन, डा0 एएस उनियाल, डा0 एनएच बनकोटी सहायक निदेशक डा0 एमएस नयाल,डा0 प्रेम प्रकाश, डा0 प्रभा पंत के अलावा उच्च शिक्षा निदेशालय के अन्य अधिकारी मौजूद थे।-doonhorizon.inUttarakhandfeed.xml