उत्तराखंड के वनों से हटेगी लैंटेना,कुरी, लगेगी बांस, घास और फलदार पौध

उत्तराखंड के वनों से हटेगी लैंटेना,कुरी, लगेगी बांस, घास और फलदार पौध
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-राज्य में पांच हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, कैंपा परियोजना से 38 करोड़ स्वीकृत देहरादून, 11 जून (हि. स.)। उत्तराखंड के वन क्षेत्रों से लैंटना, कुरी जैसी प्रजाति को हटाया जाएगा। इसके स्थान पर घास, बांस तथा फलदार पौधों का मिशन मोड में रोपण कर जंगलों की गुणवत्ता में सुधार और वन्य जीवों के लिए वासस्थल को विकसित किया जाएगा। इस कार्य से राज्य के पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के वन विभाग को लैंटेना, कुरी जैसी प्रजाति को वन क्षेत्र से हटाने के निर्देश के तहत राज्य के प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) राजीव भरतरी ने इस संबंध में सभी डीएफओ को पत्र जारी किया है। मुख्यमंत्री ने स्थानीय प्रजाति के घास, बांस तथा फलदार पौधों का मिशन मोड में रोपण कर जंगलों की गुणवत्ता बढ़ाने और वन्यजीवों की आवश्यकतानुसार वासस्थल विकसित करने को कहा है। प्रमुख वन संरक्षक ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लैंटेना, कुरी के वन क्षेत्रों के हजारों एकड़ क्षेत्रफल में फैलाव से स्थानीय घास प्रजातियां प्रभावित हुई हैं। इन क्षेत्रों से लैंटेना,कुरी प्रजाति हटाने की कार्य योजना तैयार कर घास नर्सरी बनाई जाए। इसके लिए कैंपा परियोजना से 38 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। प्रमुख वन संरक्षक ने कहा कि इन क्षेत्रों से लैंटेना प्रजाति को हटाकर उसकी जगह स्थानीय घास प्रजाति का रोपण करने से लगभग पांच हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। साथ-साथ जंगल की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। हिन्दुस्थान समाचार/राजेश