वन विभाग कर्मचारियों की गुण्डागर्दी बर्दाश्त नहींः जसविन्दर सिंह
वन विभाग कर्मचारियों की गुण्डागर्दी बर्दाश्त नहींः जसविन्दर सिंह
उत्तराखंड

वन विभाग कर्मचारियों की गुण्डागर्दी बर्दाश्त नहींः जसविन्दर सिंह

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हरिद्वार, 31 जुलाई (हि.स.)। श्री निर्मल पंचायती अखाड़ा के कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने वन विभाग के कर्मचारियों पर जबरन ट्रैक्टर ले जाने और अवैध वसूली करने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को कनखल स्थित अखाड़े में पत्रकार वार्ता के दौरान कोठारी महंत जसविन्दर सिंह महाराज ने आरोप लगाते हुए कहा कि गुरुवार को एक्कड़ कलां स्थित अखाड़े की शाखा में सेवादार कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर अखाड़े के बाग से सूखी लकडि़यां एकत्र कर ट्रैक्टर से अखाड़े में ला रहे थे। इसी दौरान वहां पहुंचे वन विभाग के कुछ कर्मचारियों ने सेवादारों पर पेड़ काटने का आरोप लगाते हुए उन्हें डरा धमकाकर अवैध वसूली का प्रयास किया। सेवादारों ने इसका विरोध किया और उन्हें सूचित किया। उन्होंने इसकी सूचना डीएफओ व रेंजर को दी। अधिकारियों से मौका मुआयना करने का अनुरोध किया गया। लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। केवल एक टीम भेज दी गयी। टीम में शामिल कर्मचारी जांच करने के बजाए अखाड़े के ट्रैक्टर को जबरन अपने साथ ले गए। इस दौरान कर्मचारियों ने गुण्डागर्दी दिखाते हुए अखाड़े में लगे सीसीटीवी कैमरे को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। अखाड़े के सेवादारों के साथ ऐसा व्यवहार वन विभाग की औछी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि घटना का पूरा वीडियो अखाड़े के पास है। वन विभाग के आला अधिकारियों को मामले को तत्काल संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। हिन्दु रक्षा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महामण्डलेश्वर स्वामी प्रबोधानन्द गिरी महाराज ने कहा कि वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा पेड़ काटने जैसा झूठा आरोप लगाकर अखाड़े से अवैध वसूली करने का प्रयास बेहद चिंतनीय है। उन्होंने स्वयं भी विभाग के अधिकारियों से मौके पर आकर जांच करने का अनुरोध किया। लेकिन अधिकारियों ने कोई सहयोग नहीं किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि संतों का उत्पीड़न सहन नही किया जाएगा। यदि ट्रैक्टर वापस नहीं किया गया तो थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज करायी जाएगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा पेड़ काटने का आरोप पूरी तरह निराधार है। बजरंग दल के जिला सह संयोजक जिवेंद्र तोमर ने बताया कि पूरी घटना उनकी मौजूदगी में हुई। उन्होंने भी मनमानी कर रहे वन विभाग के कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन वे नहीं माने और जबरन ट्रैक्टर अपने साथ ले गए। इस दौरान महंत सतनाम सिंह, महंत विरेंद्र हरि, संत खेमसिंह, संत जसकरण सिंह, संत तलविन्द्र सिंह, संत सिमरन सिंह, संत रामस्वरूप सिंह आदि भी मौजूद रहे। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत-hindusthansamachar.in