‘आईएनएस राजपूत’ की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला

‘आईएनएस राजपूत’ की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला
highlight-the-achievements-of-39ins-rajput39

नैनीताल, 22 मई (हि.स.)। जिला मुख्यालय में एनसीसी की 5-यूके नेवल यूनिट ने भारतीय नौसेना के पहले विध्वंसक पोत, ‘राज करेगा राजपूत’ के आदर्श वाक्य और अदम्य भावना के साथ देश की 41 साल की शानदार सेवा के बाद सेवामुक्त हुए देश के पहले विध्वंसक पोत ‘आईएनएस राजपूत’ की उपलब्धियों पर वेबिनार के माध्यम से प्रकाश डाला गया। वेबिनार में डीएसबी परिसर के एनसीसी अधिकारी व कार्यक्रम संयोजक सब लेफ्टिनेंट डॉ. रीतेश साह ने बताया कि 21 मई को भारतीय नौसेना के पहले विध्वंसक पोत आईएनएस राजपूत के सेवामुक्त होने के साथ एक गौरवशाली युग का अंत हो गया। आईएनएस राजपूत तत्कालीन सोवियत संघ द्वारा निर्मित काशीन श्रेणी के विध्वंसक जहाजों का प्रमुख जहाज 4 मई 1980 को कमीशन किया गया था और इसने भारतीय नौसेना को 41 वर्षों से अधिक समय तक सेवा प्रदान की। यह अब नौसेना डाकयार्ड, पश्चिमी नौसेना कमांड विशाखापत्तनम में एक समारोह में सेवामुक्त हो गया। इसे 1971 के युद्ध में पाकिस्तानी पनडुब्बी पीएनएस गाजी को डुबोने का श्रेय भी प्राप्त है।एनसीसी के कमांडो अफसर कमांडर डीके सिंह ने बताया कि आईएनएस राजपूत का निर्माण वर्तमान यूक्रेन के निकोलेव में 61 कम्युनार्ड्स शिपयार्ड में उनके मूल रूसी नाम ‘नादेजनी’ के तहत किया गया था जिसका अर्थ है ‘होप’ यानी आशा। राष्ट्र के लिए अपनी चार दशकों की शानदार सेवा के दौरान, जहाज को पश्चिमी और पूर्वी दोनों बेड़े में सेवा करने का गौरव प्राप्त है। वेबिनार में सीनियर कैडेट कैप्टेन मानस पाठक, कैडेट कैप्टेन नीरज बिष्ट, सिमरम ऐरी, भावना उप्रेती, लीडिंग कैडेट राहुल पड़ियार, लक्ष्मी बिष्ट, भावना, चंदन बिष्ट, इमरान अहमद, चारु करायत, प्रियांशी, करनजीत, कादंबरी, अनिकेत सहित 100 कैडेट सम्मिलित हुए। हिन्दुस्थान समाचार/डॉ.नवीन जोशी

अन्य खबरें

No stories found.