देव-दर्शन को आने वाले श्रद्धालु भक्तों को बॉर्डर पर ना रोका जाए : धर्मदास महाराज

देव-दर्शन को आने वाले श्रद्धालु भक्तों को बॉर्डर पर ना रोका जाए : धर्मदास महाराज
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हरिद्वार, 29 अप्रैल (हि.स.)। अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत धर्मदास महाराज ने उत्तराखंड सरकार से मांग करते हुए कहा है कि राज्य में पूजा-पाठ एवं धार्मिक क्रिया-कलाप, देव-दर्शन को आने वाले श्रद्धालु भक्तों को बॉर्डर पर ना रोका जाए। बैरागी कैंप स्थित अखाड़े में प्रेस को जारी बयान में श्रीमहंत धर्मदास महाराज ने कहा कि भारत आस्थाओं का देश है। सनातन धर्म के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा है और उत्तराखंड की पावन भूमि देवभूमि है, जहां आकर लोग संतों एवं मठ-मंदिरों में दर्शन कर स्वयं को कृतार्थ करते हैं। इसलिए आस्थावान श्रद्धालु भक्तों को उत्तराखंड आने से ना रोका जाए। श्रीमहंत धर्मदास महाराज ने कहा कि धार्मिक क्रिया-कलाप और यज्ञ अनुष्ठान से कोरोना महामारी समाप्त होगी और लोगों के मन से कोरोना का जो भय है वह भी समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि महामारी एक प्राकृतिक आपदा है लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से इसका डर समाज के अंदर फैलाया जा रहा है जोकि गलत है। उन्होंने सभी देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि अफवाहों पर ध्यान ना देते हुए पौष्टिक आहार का सेवन करें और पूजा-पद्धति को अपनाते हुए राम नाम का जाप करें। उन्होंने कहा कि विश्व शांति एवं कोरोना महामारी को समाप्त करने के लिए अखाड़े में शिवशक्ति महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है जिसमें योगी रुद्रनाथ एवं योगी ओमनाथ तपस्या कर विश्व कल्याण की कामना कर रहे हैं। श्रीपंच दिगंबर अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत रामकृष्णदास नगरिया महाराज व श्रीपंच निर्मोही अनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्रदास महाराज ने सभी से अपील करते हुए कहा कि यज्ञ में शामिल होकर धर्म का लाभ प्राप्त करें और यज्ञ की पवित्र विभूति अपने शरीर पर लगाकर मन को पवित्र बनाएं। उन्होंने कहा कि पतित पावनी मां गंगा की असीम अनुकंपा से जल्द ही कोरोना महामारी विश्व से समाप्त होगी और संपूर्ण संसार फिर एक बार खुशहाली की ओर लौटेगा। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत