बहुआयामी सोच के साथ किया जाए गगवाड़स्यूं घाटी का विकास: त्रिवेंद्र सिंह रावत

बहुआयामी सोच के साथ किया जाए गगवाड़स्यूं घाटी का विकास: त्रिवेंद्र सिंह रावत
development-of-gagwadasun-valley-should-be-done-with-multi-dimensional-thinking-trivendra-singh-rawat

पौड़ी, 01 अप्रैल (हि.स.)। पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को ल्वाली झील निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि गगवाड़स्यूं घाटी के निवासियों को झील निर्माण कार्य पूर्ण होने का लंबे समय से इंतजार है। झील निर्माण के बाद यहां के निवासियों को रोजगार भी प्राप्त होगा। साथ ही यहां पर्यटन गतिविधियां भी बढे़ंगी। गुरुवार को पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गगवाड़स्यूं घाटी में निर्माणाधीन ल्वाली झील का निरीक्षण किया। ल्वाली झील पूर्व सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। यहां झील में पांच अलग- अलग गहराई के तालाब बनाए जाने हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि झील निर्माण का प्रथम चरण का कार्य पूर्ण हो गया है। द्वितीय चरण में यहां पर्यटन गतिविधि बढ़ाए जाने के लिए कार्य किए जाने हैं। पूर्व सीएम रावत ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही यहां सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि जिस झील की उन्होंने नींव रखी थी वह आज पूर्णता की ओर है। झील निर्माण से यहां के पारिस्थितिकी तंत्र पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। रावत ने कहा कि पूरी गगवाड़स्यूं घाटी के लिए एक मास्टर प्लान बनाया जाए, जिससे यहां रोजगार के अवसर भी बढे़ंगे और पर्यटन गतिविधियां भी विकसित होंगी। रावत ने कहा कि आज पर्यटन बहुआयामी हो गया है। पर्यटक योग, सैर सपाटा, अध्ययन, साहसिक खेल आदि के लिए आते हैं। इन सभी की सुविधाओं को ध्यान में रखकर घाटी को विकसित किया जाए, जिससे कि हर तरह का पर्यटक यहां आए। ल्वाली झील निरीक्षण के बाद पूर्व सीएम अपने पारिवारिक कार्यक्रम में पौड़ी गांव में शामिल हुए। इसके बाद पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने घुड़दौड़ी के समीप एक रेस्ट्रोरेंट का उद्घाटन भी किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष शांति देवी, विधायक मुकेश कोली आदि भी उपस्थित रहे। हिन्दुस्थान समाचार/ राजीव

अन्य खबरें

No stories found.