कोरोना संकट के चलते फीकी रही हरियाली तीज की रौनक
कोरोना संकट के चलते फीकी रही हरियाली तीज की रौनक
उत्तराखंड

कोरोना संकट के चलते फीकी रही हरियाली तीज की रौनक

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हरिद्वार, 23 जुलाई (हि.स.)। हरियाली तीज का पर्व तीर्थनगरी में श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने भगवान शिव व मां पार्वती की पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु की कामना की। महिलाओं ने तीज के गीत भी गाए। हरियाली तीज का पर्व समूचे देश में अलग-अलग ढंग से मनाया जाता है। सबसे अधिक हरियाली तीज की रौनक राजस्थान में देखने को मिलती है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा अर्चना करती हैं। यह पर्व समृद्धि का द्योतक माना जाता है। गुरुवार को भी सुहागिन महिलाओं ने भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर पति की दीर्घायु की कामना की। इस बार हरियाली तीज पर भी कोरोना का प्रभाव देखने को मिली। कोरोना के कारण हरियाली तीज के सामूहिक कार्यक्रम नहीं हुए और न ही पेड़ों की डाल पर झूले पड़े। हरतालिका तीज सुहागिन महिलाओं का प्रमुख त्योहार है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। महिलाओं के सोलह श्रृंगार में मेहंदी का खास महत्व होता है। व्रत से एक दिन पहले महिलाएं हाथों में मेहंदी भी लगाती हैं, लेकिन इस त्योहार पर भी कोरोना का संकट छा रहा। कोरोना के चलते मेहंदी लगाने वालों के कारोबार पर इसका सीधा असर पड़ा है। हरिद्वार में मेहंदी लगाने वालों का कोरोना के कारण कारोबार बिल्कुल ठप रहा। महिलाओं में मेहंदी लगवाने का उत्साह कोरोना के कारण कम दिखा। महिलाएं मेहंदी लगाने के लिए नहीं आयीं, जिससे मेंहदी लगाने वालों के सामने रोजी-रोटी का संकट गहरा गया है। हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत-hindusthansamachar.in